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Home » कोडरमा-फ़िल्म से प्रेरित होकर बने पुलिस अधीक्षक,ट्रैफिक जाम को मानते है समस्या
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कोडरमा-फ़िल्म से प्रेरित होकर बने पुलिस अधीक्षक,ट्रैफिक जाम को मानते है समस्या

BJNN DeskBy BJNN DeskSeptember 14, 2017No Comments9 Mins Read
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Kuntalesh pandey

100 से अधिक नक्सल विरोधी अभियान में शामिल ,मिल चुका है राष्ट्र्पति पुरस्कार

कोडरमा:कोडरमा जिले के 19वें पुलिस अधीक्षक के रूप में सुरेंद्र कुमार झा ने  वर्ष 2010 बैच के आइपीएस अफसर है । दो साल की ट्रेनिंग के बाद वे एएसपी चक्रधरपुर रहे व बाद में रांची ग्रामीण में रहने के बाद चतरा के एसपी बनाये गये. चतरा के बाद उनका तबादला बतौर एसएसपी धनबाद हुआ था।झा ने नक्सल इलाकों व नक्सल विरोधी अभियान में अपनी अहम भूमिका निभायी है. वे करीब 100 से अधिक नक्सल विरोधी अभियान में शामिल रहे हैं. मोस्ट वांटेड नक्सली विशाल जी को पकड़ने पर उन्हें वर्ष 2015 में पुलिस गैलेंट्री अवार्ड मिल चुका है। इसी को लेकर साक्षात्कार में

सवाल-आईपीएस बनने का उद्देश्य क्या है अगर आईपीएस नही बनते तो क्या बनते ?

उतर-बचपन मे फ़िल्म गंगाजल से इतना प्रभावित हुआ  की मेरा बचपन का लगाव जुनून बन गया ।हालांकि बचपन से मुझे यूनिफार्म पहनने का बहुत शौक था ।आईपीएस नही बन पाता तो प्रोफेसर बनता ।

सवाल-बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अपने कैसे अंकुस लगाया वंही अब तक जंहा भी आप रहे और कोडरमा के अपराधियो को किस नजर से देखते है

उत्तर-पुलिस हमेशा से लोगो के सुरक्षा के लिए काम करती है वहीं पुलिस लोगो से भी मदद मांगती है औऱ अपने कार्यो के प्रति हमेशा सवेदनशील  रही है में हमेशा अपने सिद्धांतों पर काम किया है में अपराधों का विवेचना करता  हूँ कि अपराध किसतरह का है फिर उस पर टीम वर्क के तहत काम करता हूँ ।अपराध के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, ह्यूमेन इन्फॉर्मेशन, डायल100,बीट बटवारा,पेंथर/मोबाइल पुलिशिंग, सूचना तंत्र,ओर अपने लोगी पर बिस्वास के अलावा अर्चिव, इन्फॉर्मेशन और असेसेबिलिटी मेरे काम करने के तरीके है । कोडरमा के अपराध की बात करे तो बॉर्डर इलाका होने कारण यंहा अपराध करके अपराधी बॉर्डर की ओर भाग जाते है जिस कारण कभी कभी थोड़ी परेशानी होती है मगर फिर अपराधी बच नही सकते हमे  कई अपराधियों को पकड़ा है ।लगभग सारे मामलो को उदभेदन किया जा चुका है ।

सवाल -नक्सली गतिविधियों को आप किस तरह कण्ट्रोल करते है कोडरमा जिलेमें अब तक क्या कोई नक्सली घटना घटी है ?

उतर-कोडरमा नक्सली जिला नही है ।यंहा के चारों तरफ गिरिडीह, हजारीबाग ,चतरा, गया उग्रवाद प्रभावित इलाके है फिर अब तक जिले में कोई नक्सली घटना नही घटी है बॉर्डर इलाको में हलचल होती है लेकिन पुलिस तत्प्रता के कारण कोई घटना नही घटि है जिला पुलिस उसे रोकने के लिए सक्षम है ।अभी हाल में ही लेंड बम लगाया गया था जिसे समय से पहले निकल दिया गया था ।नक्सल ऑपरेशन हमेशा हम लोगो के द्वारा हमेशा होता रहता है नक्सल गतिविधियों को किसी भी हाल में पनपने नही देगे ।

सवाल-नक्सल समस्या का समाधान उसे मार कर या सरेंडर कर है ?

उतर – जो गलत रास्ते पर चल रहे है अपने मिट्टी के बच्चे है वे गलत संगत, गलत संस्कारो और गलत कार्यो के कारण नक्सली बन गए है ।उन्हें किसी भी तरीके से इससे बचना है उसे सूचना पहुँचा कर उनके परिवार के लोगो को कहना है की अपने बच्चो को वापस बुला लो ।नही अनावश्यक रूप से मारा जाएगा या फिर जेल भी जाना पड़ सकता है या फिर स्लेंडर करने कहा जाता है ।झारखंड सरकार की स्लेंडर पालिसी बहुत अच्छी है उसके बारे में उन्हें बताया जाता है  और उन्हें मुख्य धारा में से जोड़ने की बात करतेहै मैं जहाँ भी रहा हूँ कई दुर्दांत नक्सलियो ने स्लेंडर किया है जो सुधरने को तैयार नही उसे गिरफ्तार भी किया है सीधी सी बात है जो नही सुधरते उन्हें ठोक दो ।

सवाल-अब तक आप कितने नक्सली विरोधी ऑपरेशन को अगुआई किया है ?

उतर-अब तक मेने शारीरिक रूप से 100 से ज्यादा नक्सक विरोधी ऑपरेशन में शामिल रहा हूँ ।अपने कार्यकाल के दौरान एएसपी चक्रधरपुर में सारड़ा जंगल के अलावा ,जगुआर एसपी,एसपी रांची ,चतरा में रह जंहा किसी भी नक्सली गतिविधियों को पनपने नही दिया ।

सवाल-रोड सेफ्टी अब तक एक समस्या है ।तेज मोटरसाइकिल और जिग जेग मोटरसाइकिल से आप कैसे निपटते है ?

उतर-ट्रैफिक मैनेजमेंट बहुत बड़ी समस्या के रूप में उभर रही है जिससे बहुत क्राइम बढ़ रहा है ।रोड स्ट्रेन्थ का ईजाद किया हमेशा से किया जारहा है मगर बढ़ती जनसंख्या भी इसकी वजह है ।वाहन चेकिंग ,बिना हेमलेट के वाहन चलाने से रोकना ,ट्ररीपल लोड,कम उम्र के बच्चो को वाहन चलाने से रोकने के लिए पुलिस हमेशा से रोड पर तैनात रही है ।शराब पीकर वहां चलाने वालो पर पुलिस विशेष नजर रखती है ।मीडिया के माध्यम से अपनी बात कई बार लोगो तक पहुंचाने की कोशिश किया है पुलिस इस सब मे फाइन करती है ओर क़ानूनी करवाई भी करती है ।इस सम्बंध में इन्होंने कहा जब तक लोगो के बीच जागरूकता नही आएगी तब तक इस समस्या से निजात नही आएगी ।घर से जब लोग निकले हेमलेट अवश्य पहने ।ट्रैफिक नियम का पालन अवश्य करे । मैं आपके माध्यम से उन तमाम महिलाओं से कहना चाहूंगा कि जब आपके  घर के पुरुष या महिला अपने मोटरसाइकिल से निकले  आप उसे हेमलेट अवश्य पहना के निकलने दे । जिला प्रशासन के द्वारा इससे सम्बन्धी कई जागरूकता प्रोग्राम भी चलता है ।

सवाल-सोसल मीडिया सूचना आदान प्रदान  की एकदम उन्नत तकनीक है ।इससे भी सामाजिक तनाव या लोगो  के बिच कई तरह के विवाद उतपन्न होते है क्या इस पर पुलिस  करवाई करती है अब तक आपने इसमे क्या किया ?

उतर- सोसल मीडिया के जीने फायदे है उतने नुकसान भी है ।इसमें मिसकॉमनिकेशन भी होता है ।हमारी इस पर नजर  रहती है ।जिस पर करवाई होती है ।हाल में ही भड़काऊ पोस्ट पर दो उवको को जेल भेज जा चुका है ।

सवाल -साइबर  क्राइम  आज के समय मे एक समस्या है उससे आप कैसे निपटते है?

उतर-आज के समय मे साइबर क्राइम एक चैलेंज के रूप में बढ़ रहा है ।साइबर क्राइम में जब घटना हो चूकती है तब हमें पता चकता हैतब तक बहुत देर हो चुकी होती है ।साइबर सेल खोला गया है उसके लिए रांची से ट्रेनिग दिया गया है एक ऑफिसर उसको हेंडल करता है ।कई बार लोगो को फेक फोन कॉल आता है उस कॉल से बचना चाहिए ।एटीएम उपयोग के समय एटीएम में एक के अलावा कोई दूसरा नही रहे अपने पिन नम्बर ,आधार नम्बर,मोबाइल नम्बर तक सुरक्षित रखे ।अपने जिला मेभी एक मामला सायबर क्रीम से संबंधित कुछ दिन पहले हुवा जिसमे  सफलता पूर्वक  गिरफ्तारी हो चुकी  है ।

सवाल-बिहार बॉर्डर एरिया है वँहा शराब बंदी लागू है अपने झारखंड में नही है ।शहर में कई लोग शराब पीने आते है सड़क पर भीड़ भाड़ देखी जातीहै।  जिससे लोगो को काफी परेशानी होतो है ।हालांकि झारखंड सरकार  अवैध शराब पर अंकुश लगाने हेतु खुद शराब बेच रही है फिर भी  शराब तस्करी लगातार कोडरमा में पकड़े जा रहे है क्यो ?

उतर-जनवरी के बाद अभी तक रिकॉर्ड एनालिसिस करते है देखेंगे कि कोडरमा जिला के पुलिस अवैध शराब खरीदने बेचने के खिलाफ रिकॉर्ड तौर कार्रवाई हुइ है ।हर लेवल पर रिकवरी हुइ है ।बिहार में बैन लगा हुआ है वही झारखंड में सरकारी दुकानों में शराब बेचने का निर्णय हुआ है कुल मिला कर सरकार की नीयत साफ है किसी भी स्थिती में अवैध शराब को चलने नही दिया जाएगा ।जबसे सरकार शराब बेच रही भीड़ कम हुइ है ।जंहा तक शराब तस्करी का मामला है इसे  सफलता पूवर्क हम निपट रहे है ।

सवाल-अपने सहकर्मियों से आपका सम्बन्ध कैसा रहता है आप उन्हें किस रह का। के प्रति उतसाहित करते है ?

उतर-इसके लिए बहुत से लोगो ने  नियम बनाये है मगर मुझे जो सूट करता है  “read from the front and care from tha last”

इसी नियम के तहत सबसे सम्बन्ध रहता है ।

सवाल-पुलिस  चौबीस घटे ड्यूटी करती है फिर भी पुलिस की नकारात्मक छवि लोग देखते है ।लोगो को पुलिस पर भरोशा आज तक नही हो पाया ।आज भी लोग थाना जाने से डरते है ?

उतर-पुलिस की नकारात्मक छवि है लोगो के बीच अब छवि दूर होरही है ।पुलिस गर्म हो ठंडा हो  पानी हो या धूप हो छाव हो  बरसात हो  पुलिस  लोगों के लिए ही काम करती है जब कोई घटना घटती है तब सारे लोग घटने से दूर जाते हैं मगर पुलिस घटना के नजदीक जाती है परिवार के सुख-दुख से दूर  होली दिवाली दशहरा से दूर रह कर लोगों को रक्षा  के लिए सुबह शाम ड्यूटी करती  ताकि लोग सुरक्षित  महसूस कर  सके ।इमेज खराब होने का सबसे मुख्य कारण है पुलिस का  setup and structure  ही खराब है पुलिस की नींव गोर लोगो की सपोर्ट के लिए हुई थी ।बेसिकली होता क्या है कि जब कुछ लोग बार गलत काम करते है पुलिस उन्हें रोकती है इसी रोकने के कारण लोगो के बीच नकारात्मक छवि बन जाती है ।पहले और अब पुलिस के भर्ती नियम बदल चुके है अब ज्यादा पढे लिखें लोग जुड़ रहे है जो नए तरीके भी आजमा रहे है ।पुलिस की क्रिया कलाप भी बदल रही है ।सबसे बड़ी बात जनता अपने ह्यूमेन राइट नही जानती है ।उनके लोकतांत्रिक अधिकार क्या है ।कुछ हद तक थाने का माहौल भी जिम्मेदार है एक ही आदमी को ज्यादा काम भी चिड़चिड़ा बना देता है ।अपने ड्यूटी के दौरान कई घंटो तक   सोता भी  नही खाता नही तो उससे अच्छे ब्यवहार की उम्मीद कैसे की जा सकती है ।फिर भी आज स्मार्ट पुलिस वाले पुलिस में आ रहे है बेहतर पुलिशिंग की इमेज बना रहा है ।अब थनो से लोगो का डर बहुत हद तक दूर हुवा है । लोग अब अपनी समस्या लेकर थाने आरहे है।

सवाल -पुलिस के बेसिक काम क्या है ?

उतर-पुलिस के बेसिक काम protection of life , protection of liberty, protection of property, protection of divinity. पुलिस के यही चारो काम के अलावा कोई काम नही है ।पुलिस ही है जो इतना बड़ा समाज चल रहा है ।पुलिस चार चीजो पर कंट्रोल कर थो पुलिस को लोग चाहेगे वह चार चीज है

Crime control ,conductor control, creations control, corruption control. तो पुलिस आम योगों के बीच पूज्यनीय हो जाएगी ।

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BJNN Desk
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आनंद किशोर बिहार झारखंड न्यूज़ नेटवर्क में कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे सामाजिक मुद्दों, जनहित और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि रखते हैं। आनंद का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद लोगों की आवाज को सही मंच तक पहुंचाना है। वे निष्पक्ष, सरल और प्रभावशाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं।

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