सहरसाा-अब शहर से भी अच्छा दिखेगी गांव पंचयात चुनाव के बाद गावो में बहेगी विकास की धारा।अब शहर से भी अच्छा दिखेगी गांव पंचयात चुनाव के बाद गावो में बहेगी विकास की धारा

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महेंद्र प्रसाद, सहरसा

शहर से अच्छा अब गांव चकाचक होगा। पंचयात को अब केंद्र सरकार भारी भरकम राशि देगी। शहरों के स्मार्ट होने में अभी लंबा समय है, लेकिन गांव अब जल्द ही स्मार्ट व समृद्ध होने जा रहे हैं। इस बजट में केंद्र सरकार ने ग्राम विकास पर जो फोकस किया था, उसका असर इसी साल से दिखने लगेगा। हर पंचायत को विकास के लिए पर्याप्त राशि मुहैया करायी जायेगी। साथ ही ग्राम विकास के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी अभी चुनाव में जीत कर आये नये मुखिय पर होगी।

नए वित्तीय बजट में गांवों को स्मार्ट गांव के रुप में बदलने के लिए मोदी जी की सरकार ने पूरी व्यवस्था की है। महज चंद दिनों यानी चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने व पंचायतों सिस्टम गठन होने के बाद इस पर काम प्रारंभ हो जायेगा।

पांच वर्षो में विकास को मिलेगे 80-80 लाख

नए वित्तीय बजट के अनुसार अगले पांच वर्षो के लिए गांवों को विकास से समृद्ध करने हेतु प्रत्येक पंचायतों को 80-80 लाख की राशि मिलने वाली है। यह राशि 14वें वित्त आयोग के सिफारिश के तहत मिलेंगे। जिससे गांवों के विकास पर जोर दिया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल गांवों में गलियों, सड़कों, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचा को संवारने में होगा।

क्या है योजना, और किसको मिलेगी राशि

गांव को गंवई शहर बनाने हेतु केंद्र सरकार ने योजना बनायी है। अब गांव के लोग गांव में रहकर भी शहर का म•ा लेंगे। इसके लिए मोदी जी की सरकार ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना में 14वां वित्त आयोग के सिफारिश के तहत पंचायतों को राशि प्रदान करेंगी। ये योजना इसी वर्ष से लागू की जायेगी। महज कुछ दिनों बाद पंचायतों की कमान निवर्तमान मुखियाओं के हाथों में सौंप दिया जाएगा। इन्हीं निवर्तमान मुखिया जी के खातों में गांव के चहुंमुखी विकास हेतु सीधे राशि प्रदान की जायेगी। जिसमें मुखियाओं के साथ पंचायत के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले पंचायतों के सरकारी कर्मी रहेंगे।

इस राशि का मानिट¨रग मंत्रालय करेगा

वित्त मंत्रालय का कहना है की इस राशि का मानट¨रग का जिम्मा पंचायती राज मंत्रालय व राज्य सरकार के तहत तैयार गाइड लाइन से की जायेगी। साथ ही इस पर भी नजर रखी जायेगी कि जो राशि विकास के लिए दी गयी है, उसका सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं

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