
सरायकेला।


जिला प्रशासन द्वारा गम्हरिया के शंकरपुर मौजा से 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटा लिए जाने के अल्टीमेटम देने का मामला तुल पकड़ने लगा है। वही इस मामले को लेकर शंकरपुर के ग्रामीणो के समर्थन में स्थानिय जे एम एम के विधायक खुद सामने आ गए है। उन्होने साफ तौर पर कह दिया है कि किसी भी सुरत में ग्रामीणो को उजाड़ने नही देगें।
वही झामुमो द्वारा आंदोलन की घोषणा के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्षेत्र का जायजा लेने पहुँची राज्य के मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए वे अपने वाहन से उतरे ही बगैर स्थल निरीक्षण किए उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणो राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
मुख्य सचिव पहुंचते ही ग्रामीणो मे किया विरोध
बताया जाता हैं कि कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव के शंकरपुर पहुँचते ही ग्रामीण महिलाएँ व काफी संख्या में पुरुष सड़क पर आ गए और वाहन के आगे खड़े हो गए। मुख्य सचिव के वाहन के काफिले के आगे गम्हरिया थाना प्रभारी का वाहन था। उक्त वाहन के रुकते ही भीड़ से अचानक फरसा लेकर निकले एक युवक द्वारा थाना के वाहन पर वार किया गया जो उसके बोनट के अग्र भाग में लगा। जबतक वहाँ तैनात पुलिस के जवान कुछ समझ पाते जबतक युवक जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। पुलिस बल द्वारा उसे पकड़ने का प्रयास किया गया किन्तु वह फरार होने में सफल रहा। उक्त घटना के बाद कुछ देर तक वहाँ अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त छवि रंजन और एसपी ने मुख्य सचिव से वाता्र किया। इसके बाद मुख्य सचिव वाहन में बैठे ही वापस हो गई। इससे पूर्व मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों के शंकरपुर आने की खबर पाकर काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण विरोध करने वहाँ जुटे थे।
ग्रामीणों ने कहा कि वे पूर्व में अपनी जमीन देकर विस्थापन का दंश झेल रहे हें। अब वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोडेंगे और आवश्यकता पड़ी तो किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान कोल्हाने आयुक्त समेत गम्हरिया की अंचलाधिकारी कामिनी कौशल लकड़ा, गम्हरिया थाना प्रभारी जय प्रकाश राणा, आदित्यपुर थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह समेत कई प्रशासनिक व आयडा के अधिकारी भी मोजूद थे। इधर मुख्य सचिव के दौरे को लेकर शंकरपुर गाँव में दंडाधिकारी समेत काफी संख्या में महिला व पुरुष पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।
मुख्य सचिव ने दिया आश्वासन किसी का घऱ नही टुटेगा
रांची रवाना होने से पहले से आदित्यपुर के आयडा भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएस राजबाला वर्मा ने भरोसा दिलाया कि कोई भी विस्थापित नहीं होगा। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी को उजाड़ा नही जाएगा।
अधिसूचित क्षेत्र में बगैर ग्राम सभा के भूमि अधिग्रहण गैर कानूनी- अधिवक्ता
भारतीय संविधान के अनुसार, अधिसूचित क्षेत्र में किसी योजना या परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करने से पूर्व उसे ग्राम सभा से पारित कर सहमति लेना आवश्यक है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13(3) के अनुसार, पाँचवीं अधियुचित क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन कोई आदिवासी ही ले सकता है जबकि योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ग्राम सभा की सहमति आवश्यक है। यदि कोई सरकारी पदाधिकारी या व्यक्ति ऐसे भूमि को जबरदस्ती अधिग्रहण का प्रयास करती है तो वह गैर कानूनी है और इसका अनुपालन नहीं करने वाले देशद्रोह के दायरे में आते हैं उपरोकत बातें विधायक चम्पाइ्र सोरेन के अधिवक्ता भीम हेम्ब्रम ने कही। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि आदिवासी या मूलवासियों की जमीन पर योजनाओं का क्रियान्वयन उनके हित में ही किया जाएगा। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा शंकरपुर के आदिवासियों की जमीन लेती है तो वह कानून सम्मत नहीं है।

