विश्व जल दिवस पर विशेष
रवि कुमार झा
जमशेदपुर।
वर्ष 2017 तक देश मे शुन्य पानी बरबादी करने वाले शहर मे जमशेदपुर होगा। और जुस्को ने इसके लिए तैयारी भी शुरु कर दी गई है। जुस्को दावा है कि उपयोग होने के बाद जो पानी को बह कर बेकार हो जाता है । उस पानी को अब रिसाकिलीग करके पुन उपयोग किया जाएगा। हालाकि यह उपयोग पानी के पीने के लिए नही बल्की औधोगिक क्षेत्रो अलावे बगीचा मे उपयोग किया जाता है।
जुस्को के डी जी एम (वाटर मैनेजमेंट) आर के सिह ने कहा कि पुरे देश उपयोग किया हुआ पानी के रिसाकिलीग करने की कही कोई योजना नही है क्योंकि पानी उपयोग के बाद पानी को बहा दिया जाता है । लेकिन उपयोग हुए पानी को पुन रिसाकिलीग करके उसका उपयोग औधोगिक क्षेत्र मे किया जा रहा है।इसके लिए आघार भूत संरचना का निर्माण किया जा रहा है। शहर उन स्थानों मे पाईप लगाए जा रहे है । जहां गंदे पानी की निकासी होती है। उन पानी को पाईप के सहारे ट्रीटमेट प्लांट ले जाया जाएगा वहाँ से टीट्रंमेट करके पानी को जुबली पार्क के लेक मे जमा किया जाएगा । उसके बाद जरूरत के मुताबिक भेजा जाएगा । उन्होंने कहा कि यह योजना को 2017तक पुरा कर लिया जाएगा ।श्री सिंह ने कहा कि पहले इन पानी को ट्रीटमेट करके नदियों मे बहा दिया जाता था।
आर के सिह ने बताया कि पहले जुस्को के द्वारा वाटर टीट्रंमेट प्लांट मे 10 मिलीयन लीटर पानी को रिसाकिलीग किया जाता है और 2017 तक इसे 40 मिलीयन लीटर पानी को रिसाकिलीग करने की योजना है। इस प्रकार पानी की बरबाद होने से बच जाएगा इस पानी का उपयोग ओधोगिक क्षेत्र सहित बगीचे मे इस्तेमाल किया जाएगा । उन्होने कहा कि शहर के लोग फिलहाल 197.28 मिलीयन लीटर पीने का पानी का उपयोग करते है । इस दौरान लगभग 5% पानी बरबाद हो रहे है और आने वाले समय मे इस प्रतिशत को शुन्य करने की योजना है।
गौरतलब है कि जमशेतपुर युटिलिटीज़ एन्ड सर्विसीस कम्पनी(जेयुएससीओ), भारत की एक मात्र व्यापक शहरी बुनियादी ढ़ांचा सेवा उपलब्ध करवाने वाली कम्पनी है। 2004 में टाटा स्टील के शहरी सेवा विभाग(टाउन सर्विस डिविज़न)से बनाई गई इस कम्पनी की रचना मूलतः ओब्लिगेटरी सेवा को ग्राहक केन्द्री संधारणीय कॉर्पोरेट अस्तित्व में बदलने के आशय से की गई थी।
