
राज्य में पेंटावैलेंट टीका व राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ एवं सहिया सम्मेलन 2015 का आयोजन
संवाददाता.रांची,26 फरवरी


मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि कुपोषण हमारे राज्य का कलंक बन गया है। इसे दूर करना हमारी प्राथमिकता है साथ ही पेंटावैलेंट टीका के प्रयोग से राज्य के टीकाकरण प्रतिशत में इजाफा होगा। स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग के समन्वय से कुपोषण को समाप्त कर टीकाकरण प्रतिशत को बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को रांची के रिम्स सभागार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड को अगले पांच वर्ष के अंदर स्वस्थ्य राज्य, सुखी राज्य एवं स्वच्छ राज्य बनाना है। स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार ने प्राथमिकता सूची में रखा है।
इस दौरान उन्होंने पांच बिमारियों से बचाव का एक टीका – पेंटावैलेंट टीका एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ किया। इस क्रम में उन्होंने जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन का भी उद्घाटन किया। मौके पर उन्होंने कहा कि चिकित्सक, नर्स, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहिया अपने कार्यों को नौकरी की तरह नहीं, बल्कि सेवा समझकर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभायें। स्वास्थ्य विभाग यह व्यवस्था करे कि हरेक अस्पताल में दो एएनएम की प्रतिनियुक्ति 24 घंटे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सक ईमानदारी से आठ घंटे की ड्यूटी करें। सहियाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते नवजात बच्चे की मौत पर सबसे अधिक पीड़ा उनको होना चाहिए, क्योंकि प्रसव पीड़ा का दर्द वे एक पुरूष से अधिक गहनता से समझ सकती हैं। इसलिए अगले वर्ष के अंदर हमें यह प्रयास करना चाहिए कि तामिलनाडु की तरह झारखंड में भी शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जाए। यह एएनएम व सहियाओं के संयुक्त प्रयास से ही संभव हो सकता है। सरकार आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल काॅलेज, नर्सेस काॅलेज एवं कैंसर अस्पताल खोलने तथा सदर अस्पताल के सफल संचालन की व्यवस्था कर रही है। प्रत्येक विभाग को यह निर्देश दिया गया है कि वे आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कार्य करें तथा रिक्त पड़े पदों पर बहाली हेतु यथाशीघ्र पहल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाने की व्यवस्था कर रही है। इसके अलावा तीन लाख घरों में शौचालय बनाया जा रहा है। इसमें समुदाय को जागरूक करने के लिए सहियाओं का भी योगदान होगा।
समारोह में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि पेंटावेलेंट टीका के इस्तेमाल से राज्य का टीकाकरण प्रतिशत निश्चित रूप से बढ़ेगा एवं पेंटावैलेंट टीका लोगों के लिए सहयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की शहरी जनसंख्या में तेज गति से वृद्धि हो रही है। पिछले 10 वर्षों में राज्य की शहरी जनसंख्या में 35.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की शुरूआत होने से शहरी जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राज्य के चिह्नित 14 जिलों में कुल 51 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 6 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य (त्डछब्भ़्।) की सुविधाएं प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने हेतु 14 जिलों के शहरी बस्तियों में कुल 796 महिला आरोग्य समिति (महिलाओं की समिति) का गठन तथा 214 शहरी सहिया का चयन किया जाना है जो स्वास्थ्य के कार्यों में सहयोग करेंगी और समुदाय को अस्पतालों तक लेकर आएंगी। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शहर के मलीन बस्तियों मेें रहने वाले जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 306 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रम नगर विकास विभाग, शहरी स्थानीय निकाय एवं मानव संसाधन विकास विभाग के समन्वय से संचालित होगा। नगर विकास विभाग के अंतर्गत शहरी इलाकों में चलाये जाने वाले जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन, बेसिक सर्विसेस टू अरबन पूअर एवं राजीव आवास योजना आदि कार्यक्रम से समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नियमित प्रतिरक्षण के तहत नौ सुईयों के बदले अब पेंटावेलेंट के समावेशन से 3 कम यानि कुल छह सुईयां ही दी जाएंगी। इससे बच्चों को सूई की चूभन का सामना कम बार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में समुदाय स्तर पर कार्यरत सहिया बहनें अब ग्रामीण क्षेत्र में नहीं बल्कि शहरी क्षेत्र में भी होंगी। ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत सहियाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण माॅड्यूलों के माध्यम से कौशल संबंधी जानकारी दी गई है। साथ ही नवजात के गृह आधारित स्वास्थ्य देखभाल के लिए सहियाओं को होम बेस्ड न्यूबोर्न किट- भ्ठछब् किट, आई0ई0सी0 किट तथा साइकिल उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने कहा कि समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने वाली सहियाओं को आज सम्मानित करते हुए गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि सहिया बहनें दिन-रात लोगों को एवं समाज को रोगमुक्त और खशहाल बनाने में जुटी रहती हैं।
समारोह में विषय प्रवेश करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के0 विद्यासागर ने कहा कि राज्य के पूर्वी सिंहभूम, धनबाद जैसे जिले शिशु मृत्यु दर में मिलेनियम डेवलपमेंट गोल के करीब पहुंच गए हैं लेकिन गोड्डा, गिरिडीह जैसे जिलों में बेहतर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगले छह माह में 51 शहरी प्राथमिक केंद्र और 6 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को माॅडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक आशीष सिंहमार ने अतिथियों का स्वागत किया और कुपोषण उपचार केंद्र के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कांके के विधायक डाॅ जीतू चरण राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डाॅ सुमंत मिश्रा, निदेशक प्रमुख (खाद्य सुरक्षा) डाॅ प्रवीण चंद्र, निदेशक सह एन0यू0एच0एम0 नोडल पदाधिकारी डाॅ मंजू कुमारी सहित विभाग के निदेशक, वरीय पदाधिकारी, एएनएम एवं सहियाएं उपस्थित थे। मंच संचालन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य कार्यक्रम समन्वय (सामुदायिक प्रक्रिया सेल) अकय मिंज ने किया।
समारोह में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं वरीय अधिकारियों ने जिले में बेहतर कार्य करने वाली वी0एच0एस0एन0सी0 अध्यक्ष व सर्वश्रेष्ठ सहियाओं- सुमित्रा देवी, पुष्पा देवी, नीलम देवी, रिता देवी, सुमन मुण्डा, लीला देवी, रिता उराॅव, सुनिता मिंज, फुलमति देवी, सुनिता देवी, मंजू देवी, गिरबाला देवी, फूटी देवी व शान्ति देवी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

