
रांची। वर्तमान वित्तीय वर्ष के साथ पिछले चार साल में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों को 19.27 करोड़ टन खाद्यान्नों (चावल और गेहूं) का आबंटन किया। देश के तमाम राज्यों ने 16.90 करोड़ टन खाद्यान्न का उठान किया। केन्द्र सरकार ने 2011-12 से लेकर पिछले चार साल में टीपीडीएस अंतगर्त झारखण्ड को 51.87 लाख टन खाद्यान्नों का आबंटन किया। झारखण्ड राज्य की सरकार ने इसमें से 38.09 लाख टन खाद्यान्नों का उठान किया। राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के प्रत्युत्तर में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब पाटील दानवे ने सदन में यह जानकारी दी।


राज्यमंत्री श्री दानवे ने अपने प्रत्युत्तर में बताया कि टीपीडीएस के अन्तर्गत पिछले चार साल में देश को विभिन्न राज्यों को कुल 10.23 करोड़ टन चावल और 8.74 करोड़ टन गेहूं का आबंटन किया गया, उसमें से विभिन्न राज्यों ने 9.48 करोड़ टन चावल और 7.42 करोड़ टन गेहूं का उठान किया। केन्द्र सरकार ने टीपीडीएस अंतर्गत झारखण्ड को 45.54 लाख टन चावल और 6.33 लाख टन गेहूं का आबंटन किया, जिसमें से राज्य सरकार ने 37.92 लाख टन चावल और 0.17 लाख टन गेहूं का उठान किया।
राज्यों संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा खाद्यान्नों की न उठाई गई मात्रा केन्द्रीय पूल में ही रहती है। खाद्यान्नों का समूचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार, राज्यों संघ राज्य क्षेत्रों के साथ टीपीडीएस के प्रचालनों का एक सिरे से दूसरे तक कम्प्यूटरीकरण, खाद्यान्नों की द्वार सुपुर्दगी, लाभभोगियों की सही पहचान, खाद्यान्नों के उठान में सुधार, निगरानी तथा सतर्कता, उचित दर दुकानों के प्रचालनों की व्यवहार्यता में सुधार आदि उपाय कार्यानिव्त कर रही है।

