भाजपा की आर्थिक नाकेबंदी 7 को

रांची : भाजपा विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर झाविमो और आजसू को ही
सिर्फ माइलेज नहीं लेने देगी। इस मुद्दे पर क्षेत्रीय दलों से कुछ पीछे
रह गई भाजपा अचानक रेस हो गई है। दोनों दलों की दो मार्च की नाकेबंदी को
समर्थन न देते हुए भाजपा ने खुद अपना आंदोलन छेड़ दिया है। प्रदेश भाजपा
ने सात मार्च को राज्य में आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की है। गुरुवार को
कोर कमेटी और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगाई
गई। 1बैठक में विशेष राज्य के दर्जे की मांग को भाजपा का मुद्दा बताया
गया। पार्टी विधायक दल के नेता अजरुन मुंडा ने कहा कि अपने
मुख्यमंत्रित्वकाल में राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में झारखंड के
पिछड़ेपन एवं न्यायोचित अधिकार की मांग लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री के
समक्ष विशेष राज्य के दर्जे की मांग की थी। परंतु केंद्र के सौतेलेपन की
वजह से विशेष राज्य का दर्जा अभी तक नहीं दिया गया। पार्टी यह महसूस करती
है कि राज्य के खिलाफ हो रहे अन्याय के खिलाफ अब ज्यादा दिनों तक चुप
नहीं बैठा जा सकता। पार्टी ने केंद्र सरकार पर दबाव बनने के लिए सात
मार्च की आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की। तय किया गया कि आर्थिक नाकेबंदी
के दौरान पार्टी कार्यकर्ता खनिजों की ढुलाई बाधित करेंगे। इसके बाद भी
यदि केंद्र सरकार नहीं चेतती है तो 72 घंटों की नाकेबंदी की जाएगी। विशेष
राज्य के मुद्दे के अलावा संगठनात्मक स्तर पर चल रहे अन्य कार्यक्रमों पर
भी रायशुमारी की गई। 1प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय ने कहा कि सभी
प्रदेश पदाधिकारी दो मार्च से सात मार्च तक जिलों में प्रवास करेंगे। इस
दौरान बूथ कमेटी का गठन, एक नोट, कमल पर वोट कार्यक्रम, जिलों में संगठन
के जमीनी हालातों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं को ताकीद की
गई कि अगले दो माह उनके लिए चुनौती से भरे हैं। कार्यकर्ता अपने संसाधनों
के साथ जनता से सीधा संवाद स्थापित करें।

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