
बोकारो। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन अपने कार्य क्षेत्र को छोड़कर दुमका के भोले भाले आदिवासीओ को बहला फुसला कर वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। झामुमो के नींव ही झूठ की पुलिंदा हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार दलित, गरीब, आदिवासियों के सम्मान के लिए हर संभव मदद कर रही है। सरकार योजनाओं के माध्यम से हर घर तक अपनी पहुंच बना रही है। कल्याण विभाग हर गांव में एक-एक कला संस्कृति भवन का निर्माण करवायेगी ताकि युवा पीढ़ी अपने लोक कलाओं से दूर न रहे। खाली वक्त में गांव के लोग अपने कला को जीवित रख सकें। उक्त बातें चंदनकियारी इंटर कॉलेज में आयोजित आदिवासी सम्मान समारोह सह संथाली सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखंड सरकार की कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही


उन्होंने कहा कि आदिवासी आज भी आसानी से विश्वास कर लेते हैं। यही परिणाम हैं कि झामुमो के बाप बेटा ने विकास के नाम पर आदिवासी समाज को छलने का काम किया हैं। आज समय हैं जागरूक होने का। लुईस मरांडी ने मंच के माध्यम से सभी युवाओं को एक जुट होने का आह्वाहन करते हुए कहा कि अपनी समाज के समस्या को समस्या बनकर रहने नही दिया जायेगा। इसके लिए नौजवान आगे आकर समाधान का प्रयास करे। साथ ही अपने संस्कृति को बचाने का कार्य करे। वर्तमान पीढ़ी अपनी संस्कृति को भूलने के कगार पर हैं। झारखंड के राजनीति में दुमका अति महत्वपूर्ण हैं। शिबू सोरेन ने झारखंड को बेच डाला था। वहां के सीधे साधे लोग का फायदा उठाते हुए महाजनी प्रथा का आंदोलन छेड़ा था।परंतु उन्होंने खुद ही उस क्षेत्र का महाजन बन बैठे। झामुमो का नीव झूठ का पुलिंदा है।
कार्यक्रम में राजस्व, निबंधन, भूमि सुधार पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि आदिवासी अपनी विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सांस्कृति को नही भूला हैं। बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, चाँद भैरव जैसे महापुरुष आदिवासी मर मिटने को तैयार रहते थे पर संस्कृति एवं सभ्यता को अक्षुण्ण रखते हुए मिटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में चंदनकियारी के कई सरना स्थल एवं जाहेरा स्थान की घेराबन्दी करने का कार्य किया गया हैं। बाकी बचे दो साल में एक भी सरना स्थल एवं जाहेरास्थान घेराबन्दी से बंचित नही रहेगा। इससे पूर्व भी सरकार थी परंतु आदिवासी के हित के बारे में कभी नही सोच था। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ साथ मेरा भी एक मात्र लक्ष्य हैं कि निचले पायदान पर जीवन यापन कर रहे लोगो के जीवनस्तर को उपर उठाया जाये। भाजपा सरकार काम पर विश्वास करती हैं। इसलिए सबका साथ सबका विकास के तर्ज पर काम कर रही हैं। प्रचार के माध्यम से लोगो के बीच सस्ती लोकप्रियता बटोरने वाले नेताओं को चंदनकियारी के लोगो ने 45 हजार से अधिक वोटो देकर वैसे नेताओं को पराजित कर वास्तविकता को सामने लाया हैं। आज हमारी सरकार आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए कई सुविधए दे रही हैं।
आदिवासी समाज के अन्तरराष्ट्रीय धर्मस्थान लुगुबाड़ी में सुविधा के नाम पर कुछ नही था। परंतु इस अंतरास्ट्रीय मेला में लोगो के सारे सुविधा के लिए सरकार तत्पर रहते हुए उसका जीर्णोद्धार किया गया है। लुगुबाड़ी मंदिर को अंतरराष्ट्रीय़ स्तर का पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है।
संथाल परगना के प्रभारी रमेश हांसदा ने कहा कि मुझे गर्व है की मैं आदिवासी हूँ। उन्होंने संथाल समाज के बारे में कहते हुए कहा कि समाज उस समय लड़ाई लड़ा। जब दूसरे समाज के लोग अंग्रेजो के तलवे चाट रहे थे तब बाबा तिलका मांझी ने 1785 में अंग्रेजो के खिलाफ बिगुल फूंका था। संथाल का संबंध पृथ्वी और प्रकृति के साथ हैं। नौजवान अपनी ताकत को पहचानें और समाज को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करे।
कार्यक्रम की शुरूआत बिरसा मुंडा एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं अन्य शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि देकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मंत्री डॉ लुइस मरांडी को आदिवासी पारंपरिक नृत्य के साथ आदिवासी महिलाओं ने स्वागत किया। साथ ही रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
आदिवासी सम्मान समारोह सह संथाली सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री डॉ लुईस मरांडी और मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कलाकारों के बीच ढ़ोल, नगाड़ा एवं अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। वहीं कुछ वर्ष पूर्व चन्दनकियारी की एक बेटी की मौत स्कूल में हो गयी थी उसके परिजन को 50000 रूपये की सहयोग राशि भी मंत्री अमर कुमार बाउरी ने दिया।

