
कौशिक घोष चौधरी
छठ स्पेशल


नहाय खाय के साथ आज से छठ पूजा का महापर्व शुरू हो गया। पहले दिन आज दोपहर को महिलाओं ने पवित्रता के साथ लौकी की सब्जी और भात बनाकर उसे ग्रहण किया। छठ पर्व का अनुष्ठान शुरू किया। परिवार के लोगों ने इस भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। छठ पूजा का आरंभ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से होता है और कार्तिक शुक्ल सप्तमी को इसका समापन होता है। पंचमी को दिनभर खरना का
व्रत रखने वाले व्रती शाम के समय गुड़ से बनी खीर, रोटी और फल का सेवन प्रसाद रूप में करते हैं। आज कार्तिक शुक्ल चतुर्थी पर व्रतियों ने लौकी भात खाकर व्रत की शुरुआत की। इसके बाद, दूसरे दिन खरना से महिलाएं व्रत धारण करती हैं। यह व्रत 36 घंटे का निराजल होता है। खरना पूजन से ही घर में देवी षष्ठी का आगमन हो जाता है।इस प्रकार भगवान सूर्य के इस पावन पर्व में शक्ति और ब्रह्मा दोनों की उपासना का फल एक साथ प्राप्त होता है। षष्ठी के दिन नदी या जलाशय के किनारे पर व्रती एकत्रित होकर पर अस्ताचलगामी और दूसरे दिन उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत को समाप्त करते हैं।

