
राजेस तिवारी पटना | विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाकर आज बिहार नेनया इतिहास रच दिया। बिहार के तीन करोड़ लोगों ने आज शराबबंदीके समर्थन में एकजुट होकर पूरी दुनिया को एक नया संदेश दिया। इस एतिहासिक पल की उपग्रह के सेटेलाइट से कई तस्वीरें ली गईं जो इस अनोखे पल की गवाह बनींआज हर बिहारवासी के लिए गर्व भरा दिन था। सुबह से ही पूरे बिहार में चहल-पहल देखी गई, सभी अपने प्रदेश के लिए एक दूसरे का हाथ थामकर मानव श्रृंखला के निर्माण
के लिए आतुर दिखे। मानव श्रृंखला में शामिल होकर लोगों ने खुद को खुशनसीब माना और इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तहे दिल से शुक्रिया कहा कि उनके संकल्प को आज एक दूसरे का हाथ थामकर 11292 किमी लंबी मानव शृंखला का निर्माण कर एक इतिहास रच दिया। इसके लिए लोग पूरे बिहार के कोने-कोने में इकट्ठा हुए थे। यह बिल्कुल अद्भुत नजारा था और इसका गवाह बना पूरा बिहार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे बिहारवासियों को मानव श्रृंखला में शामिल होने पर तहे दिल से शुक्रिया कहा है। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन जारी कर मानव श्रृंखला के लिए सबके सहयोग और दृढ निश्चय की सराहना की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ही शराबबंदी पर लगाम लगाना संभव हो सका है। सबके सहयोग और समर्थन, साथी ही लोगों का एेसा उत्साह देखकर अच्छा लगा। सबके सहयोग से ही बिहार के साथ ही अब पूरे देश में शराबबंदी को मजबूती मिलेगी।बिहार सरकार द्वारा राज्य को नशामुक्त बनाने लिए शराबबंदी के समर्थन में शनिवार को बनी ऐतिहासिक मानव श्रृंखला में करीब 2 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। दिन में 12:15 से 1 बजे के बीच में आयोजित हुए मानव श्रृंखला में जदयू, राजद, कांग्रेस और बीजेपी समेत अधिकतर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।इसके साथ ही विभिन्न पार्टियों के सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत राजनीतिक दल के लोग,स्कूल-कॉलेज की छात्र-छात्राएं, सरकारी कर्मचारी भी इसमें शामिल हुए। मानव शृंखला की वीडियोग्राफी के लिए सभी जिलों में एक-एक ड्रोन के साथ विडियोग्राफी के दल तैनात रहे।पटना के गांधी मैदान से मानव श्रृंखला के निर्माण की शुरुआत हुई और पूरे बिहार ने एक-दूसरे का हाथ थाम इसे सफल बना डाला। मानव श्रृंखला का मुख्य समारोह गांधी मैदान में आयोजित था, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुब्बारा उड़ाकर समारोह का उद्घाटन किया। समारोह के उद्घाटन के साथ ही बिहार गीत से पूरा गांधी मैदान गुंजायमान रहा।



