नक्सली साए से उबरने लगा पर्यटन उद्योग , पड़ोसी राज्यो से आ रहे शैलानी

 

जादुगोङा –नक्सली घटना के कारण पर्यटको आना छोङ दिया था

 

संतोष अग्रवाल,जमशेदपुर.20 दिसबंर

जमशेदपुर से सटे जाङुगोङा   एक बार फिर पर्यटको के लिए आर्कषक का केन्द्र बना हुआ हैं. वर्षो बाद अच्छी तादात मे पश्चिम बंगाल एवं ओड़ीसा से लोग रंकिणी मंदिर मे पर्यटन को पहुँच रहे है एवं यहाँ नक्सली गतिविधियो से बेखोफ होकर माता का दर्शन कर आशीष ले रहे है एवं मंदिर से सटे पहाड़ी पर जाकर पिकनिक का आनंद ले रहे है बाहर से आए शैलानियों के कारण शनिवार को पूरे जादूगोड़ा क्षेत्र मे गहमा गहमी रही जिससे आसपास के होटल मालिको एवं कारोबारियों मे उम्मीद की किरण जगी है और ऐसा लगता है की स्थानीय पर्यटन उद्योग नक्सली साए से उबरने लगा है ।

उल्लेखनीय है की प्राकृतिक छटा से भरपूर व पहाड़ो जंगलो से घिरे इस क्षेत्र मे 2002 मे पहली बार नक्सलियों ने प्रवेश किया जिसके बाद पर्यटन मे कमी आई ।

नववर्ष के मौके एवं 25 दिसंबर के आसपास यहाँ पड़ोसी राज्यो से बड़ी संख्या मे शैलानी पहुँचते है , स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र मे विश्वास का माहोल पैदा हुआ और लंबे समय से इस क्षेत्र मे न तो नक्सली देखे गए और न ही कोई वारदात हुई ,यहाँ की परिस्थितियाँ 2012 से ही बदलने लगी है एवं यहाँ पर्यटन को बड़ी संख्या मे लोग परिवार के साथ आ रहे है, जिससे जादूगोड़ा क्षेत्र भी गुलज़ार हो रहा है ।

क्या कारण था पर्यटको के कमी के काऱण

जादुगोङा यूसील के माईस है उसके लिए काफी  नाम इस क्षेत्र  का है ।चुकि यह जादुगोङा पहाङो से घिरा हुआ है और नक्सली उस पहाङ के रास्ते का इस्तेमाल करते थे.इसके अलावे घाटशिला पोटका इस क्षेत्र से सटा हुआ है और नक्सलियो के द्वारा इस क्षेत्र मे कई घटनाऔ का अंजाम दिया जा चुका है .इस काऱण यहाँ के लोग दहशत मे रहते थे।

जादुगोङा प्रमुख पर्यटन स्थल

1.माँ रकणी मंदीर

2, नरवा पहाङ

3. जादुगोङा बराज

4.गालुडीह बराज

 

क्या कहते हैं पर्यटक

.पार्थो भट्टाचार्या ( बंगाल बेहला निवाशी ) का कहना है की घर से यहाँ आते समय नक्सली वारदातों को लेकर मन मे आशंकाए थी पर यहाँ आने पर कोई दिक्कत नहीं हुई और बेखौफ होकर अपनी इच्छा से हर जगह एंजॉय किया।

बंगाल टालीबाग के रहने वाले अंजना भट्टाचार्या  ने कहा की हमे किसी प्रकार का कोई दिक्कत नहीं है और हमने यहाँ के प्राकृतिक सोंदार्य का आनंद उठाया एवं पर्यटको की संख्या भी बहुत है ।

रोहिणी भट्टाचार्य बंगाल टालीगंज निवाशी का कहना है की यहाँ आने से पहले जो भय था वह यहाँ आने के बाद वह धारणा खत्म हो गयी हमलोगो ने पूरे परिवार के साथ काफी एंजॉय किया एवं काही कोई ऐसी बता नहीं है ।और झारखंड के सुंदरता को सामने से देखने को मिला।

वहीं जादूगोड़ा के होटल संचालक अशोक ने बताया की शैलानियों के आने से हमलोगो का व्यापार गुलज़ार हो रहा है एवं राहत महसूस कर रहे है ।और एक बार फिर उनके रोजगार चलने शुरु हो गया हैं.

क्या कहते है ग्रमीण एस पी

जिले के ग्रमीण एस पी शैलेन्द्र कुमार सिंहा ने कहा कि साल के अंतिम समय होने के काऱण घाटशिला .बहारागोङा .चाकुलिया .जादुगोङा जैसे क्षेत्रो मे  पङोसी  राज्यो के हजारो संख्या में पर्यटक आते है .किसी प्रकार का अनहोनी की घटना न हो इसके लिए  पुलिस के शैलानियो के सुरक्षा के लिए  अतिरीक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाती है और सादे लिवास मे महिला और पुरुष पुलिस कर्मी भी सभी परिस्थीती पर नजर रखा जाता हैं..

 

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