
संवाददाता जामताड़ा


जब सरकारी महकमा ही राजनितिक दल की दबिश में आकार काम करेगी तो उससे सामान भाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है. ऐसा ही हुआ है स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित सहिया सम्मलेन में. सरकारी कार्यक्रम में मंच पर राजनितिक दल का कब्ज़ा रहा और विभागीय अधिकारी तालि बजाते रहे. सहिया सम्मलेन में कांग्रेसियों ने कब्ज़ा जमा लिया. मंच पर जामताड़ा विधायक के समर्थक मौजूद रहे और पूरा महकमा आवभगत में जुटा रहा. राजनितिक दलों ने यहाँ तक कह दिया की सिविल सर्जन कांग्रेस के एजेंट के रूप में काम कर रहे है.
शुक्रवार को जेबीसी खेल मैदान में आयोजित सहिया सम्मलेन देख कर लाग रहा था की यह कार्यक्रम कांग्रेस का महिला सम्मलेन हो. जाहिर है जब मंच पर कब्ज़ा कंग्रेस के नेताओ ने जमा लिया था और सिविल सर्जन समेत सभी पदाधिकारी जी हुजूरी में लगे हुए थे. जबकि मंच पर न तो विधायक मौजूद थे न जिला परिसद अध्यक्ष. और न ही किसी अन्य जन प्रतिनिधि को बुलाया गया था.
सबसे आश्चर्य की बात यह थी की जेबीसी+२ उच्च विद्यालय में मेट्रिक की परीक्षा चल रही थी और सहिया सम्मलेन में नेताओ की भाषण बाजी पुरे शबाब पर था. किसी ने यह नहीं सोचा की मिके के तेज ध्वनि से परीक्षार्थियों को परेशानी होगी. जबकि विधि व्यवस्था को देखते हुए परीक्षा केंद्र के पास सिविल एसडीओ ने धारा १४४ लगाने की घोषणा की हुई थी. सरकारी महकमा या यूँ कहे की स्वास्थ्य विभाग और कांग्रेस नेताओ ने मिलकर जमकर धारा १४४ का उल्लंघन करते हुए काननों का मखुल उड़ाया. इस सन्दर्भ में जब एसडीओ अखिलेश कुमार सिन्हा से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कह बाद में संपर्क करने को कहा.

