जामताड़ा-भूमि अधिग्रहण मामले में रैयतों की राय शुमारी जरुरी: चुन्ना सिंह

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संवाददाता जामताड़ा

झारखण राज्य की दुर्गति का कारण अगर है तो वह झामुमो सरकार की गलत निति. राजस्व के चक्कर में पूरा राज्य शराब के नशे में डूब गया है. झामुमो किसी न किसी रूप में लगातार सट्टे में काबिज रहा है. कभी शीर्ष पर बैठकर तो कभी समर्थन देकर. जब सरकार में थे तब गलत नीतियों के कारण झारखण्ड के कई पीढ़ी को नशे की लत में डूबा दी. राजस्व के चक्कर में पीढ़िया बर्बाद हो रही है. यह आरोप है सारठ के पूर्व विधायक चुन्ना सिंह का है. जामताड़ा कोर्ट परिसर उन्होंने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और उनके पुत्र हेमंत सोरेन की सरकार पर जमकर प्रहार किया. साथ ही भूमि अधिग्रहण माले में विशेष चिंतन करने और रैयतों की राय शुमारी करने पर जोर दिया.

शनिवार को एक मामले में पेशी के लिए पूर्व विधायक चुन्ना सिंह जामताड़ा सिविल कोर्ट आये थे. इसी दौरान उन्होंने कहा की जब से झारखण्ड राज्य बना झामुमो किसी न किसी तरह से सत्ता में काबिज था. झारखण्ड आंदोलन के पुरोधा तो शिबू सोरेन बन गए लेकिन गलत निति और राजस्व के लालच में झारखंड के कई पीढ़ी को नशे की आग में झोंक दिया. झामुमो सरकार की दें है की अब पंचायत स्तर पर शराब बिकने लगी है. उन्होंने इस पर रोक लगाने की बात कही है. साथ ही वर्तमान सरकार की ओर से इस दिशा में पहल किये जाने की भी जानकारी दी.

भूमि अधिग्रहण बिल मामले पर उन्होंने प्रतिक्रिया दिया की यह साधारण बात नहीं है, सरकार को इस पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. और पुरे देश में कानून एक रूपता से लागू होनी चाहिए. केंद्र सरकार जो कानून कश्मीर में लागु करे वही झारखण्ड समेत अन्य राज्यों में भी लागू हो. पूर्व विधायक ने कहा की देश में पंचायती राज व्यवस्था लागू है और इस कानून के इम्प्लीमेंटेशन में पंचायत प्रतनिधि के साथ रैयत की भी राय लेनी जरुरी है. सरकार जनहित के लिए होती है. जनता से चीजें छीनकर जनहित में काम नहीं हो सकता है. इस गंभीर विषय पर गहरी चिंतन और विमर्श की जरुरत है.

 

 

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