
जमशेदपुर।


झारखंड विकास मोर्चा के तत्वधान में आज 86 बस्ती के अंतर्गत कल्याण नगर , भुइयांडीह क्षेत्र में बस्ती वासियों के बीच मुख्य सड़क के किनारे लीज बंदोबस्ती के नाम पर राजनीति करने को लेकर आज पार्टी ने आज काला दिवस मनाया एवं 4 घंटे का धरना दिया गया ।
सभी कार्यकर्ता एवं उपस्थित बस्ती वासियों ने भी काला बिल्ला लगा कर विरोध दर्ज किया । सैकड़ों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता एवं बस्ती वासी उपस्थित थे।
धरना को संबोधित करते हुए झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज दुखद एवं विडंबना है कि स्वयं राज्य के नेतृत्वकर्ता अपनी ही जनता को दिग्भ्रमित कर ठगने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि यह क्षेत्र और यह विधानसभा माननीय मुख्यमंत्री जी का क्षेत्र आता है और वर्षों से यहां रहने वाले 86 बस्तियों के निवासियों को प्रत्येक चुनावी वर्ष में हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा मालिकाना हक दिए जाने की बात करते रहे और भोली भाली जनता उन पर अटूट विश्वास करते हुए हमेशा उनको चुनावी वैतरणी पार कराया । साथ ही एक बार ही नहीं बल्कि पांच बार विधानसभा भेजने का कार्य किया परंतु दुर्भाग्य है कि आज हमारे क्षेत्र के विधायक मुख्यमंत्री पद बनने के बाद वह अचानक इस बात से मुकर गए , कि कभी भी हमारा मालिकाना हक मुद्दा नहीं रहा । जबकि हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी के चुनावी एजेंडा में हमेशा देते रहे कि अगर मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला तो 3 माह के अंदर हम अपनी वादा को पूरा करते हुए मालिकाना हक दे देंगे ।
आज हमारे मुख्यमंत्री जी अचानक मालिकाना हक देने के मुद्दे पर मुकर गए और उन्होंने अचानक यह भी कहा कि कभी भी मालिकाना हक मेरा मुद्दा नहीं रहा । जबकि वह कई बार इस मुद्दे को लेकर बस्ती विकास समिति के बैनर तले कभी गोपाल ग्राउंड से रैली निकाली कभी सड़कों पर उतरे और हमेशा इस क्षेत्र की जनता को यह विश्वास दिलाने में सफल होते रहे कि अगर हमें मौका मिला तो हम हर हाल में मालिकाना हक देंगे
आज अगर हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास मालिकाना हक मुद्दे को भटकाकर लीज बंदोबस्ती ही देना चाहते हैं तो उसमें भी दोहरी नीति क्यों ? उन्होंने अपने 20 फरवरी 2018 को कैबिनेट की बैठक में हुई प्रस्ताव पारित में वर्षों से रहने वाले लोगों के लिए लीज बंदोबस्ती देने का जो प्रस्ताव पारित किया वह बिल्कुल ही निराधार ही नहीं बल्कि न्याय संगत भी नहीं है ।
अगर हमारे माननीय मुख्यमंत्री लीज बंदोबस्ती देना ही चाहते हैं तो कट ऑफ डेट 1.1 .85 के पूर्व क्यों ? क्यों नहीं 2018 रखा गया ? जबकि हमारे मुख्यमंत्री 1985 से विधायक बने है और 90 की दशक में ही इस सारी बस्तियां बसी है तो आखिर कौन सा ऐतिहासिक कार्य आपके द्वारा हुआ है ?
आज बस्ती विकास समिति के बैनर तले महानायक के रूप में जो प्रस्तुति ट्रांसपोर्ट मैदान एग्री को में हो रहा है यह केवल चुनावी स्टंट है और जनता को गुमराह कर दिग्भ्रमित कर पुनः एक बार चलने का प्रयास हो रहा है
मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन समझ से परे है क्योंकि भोली भाली जनता आज यह समझ बैठी है कि कहीं हमें एग्रिको के मैदान में लीज बंदोबस्ती का कागज मिल तो नहीं रहा और बस्ती विकास समिति के कार्यकर्ता साथ में भाजपा के भी कार्यकर्ता साम दाम दंड भेद लगाकर लोग प्रपंच देकर भीड़ जुटाने की ताकत में लगे हैं भोज भारत का हवाला दिया जा रहा है यहां तक की जब उन्हें 86 बस्ती के निवासियों पर लीज बंदोबस्ती के नाम पर नाराजगी दिखी ।
बस्ती बिकास समिति द्वारा भीड़ जुटाने के लिए गांव देहात की भोली-भाली जनता का भी दुरुपयोग कर उनके भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर साथ ही सब्जबाग दिखाकर भीड़ जुटाने का प्रयास किया जा रहा है
झारखंड विकास मोर्चा मुख्यमंत्री से मांग करती है कि आप 86 बस्ती में रहने वाले प्रत्येक बस्तियों के क्रमवार नाम लेकर घोषणा करें कि कौन सी बस्ती Tata लीज के अंतर्गत है ? और कौन सी बस्ती Tata की लीज के बाहर तभी जाकर जनता को आपके नेक इरादे एवं साथ में नियति और नियत भी दूध का दूध पानी का पानी होगा।
रघुवर जी अपने ही विधानसभा में रेलवे की जमीन में बसने वाले लोग Tata लीज के अंतर्गत रहने वाले निवासियों को स्पष्ट करें कि क्या उनकी जमीन सरकारी या Tata लीज से बाहर क्यों नहीं ? इसका उत्तर आम जनता को देना होगा।
मुख्यमंत्री से हम अब हमारे पार्टी के कार्यकर्ता यह जानना चाहते हैं कि आखिर कितने दिनों में 86 बस्तियों के निवासियों को लीज बंदोबस्ती की पर्ची उनके घर में मिलेगी हर हाल में पार्टी यह मांग करती है कि 2 महीने के अंदर सारी बस्ती के निवासियों को 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्ती हो चाहे वह 1985 के पहले हो या 2018 के पहले ?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बबुआ सिंह ने कहा किया आंदोलन की धार और तेज होगी मुख्यमंत्री की लॉलीपॉप योजना यह नियत को हम लोग किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे अब आर-पार की लड़ाई लोकतांत्रिक ढंग से हम लड़ेंगे साथ ही जनता के समक्ष लीज बंदोबस्ती की सच्चाई को घर घर ले जाकर समझाएंगे ।
आज के धरना के कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री जटा शंकर पांडे लल्लन चौहान सरदार सुरजीत सिंह चित्ते, गुरुचरण सिंह बिल्ला, सरदार सोनू सिंह, भूषण दीक्षित, गिरधारी सिंह ,गुड्डू सिंह, रघुनंदन चंद्रवंशी ,ऋषिकेश चंद्रवंशी ,सविता सिंह, सविता दास, बच्चे लाल भगत, मनी मोहंती श्रीमती उषा सिंह यशोदा देवी रीना चौधरी रवि सिंह सुमित श्रीवास्तव अनिल शर्मा कन्हैया पुष्टि ताराचंद्र कालिंदी देव कुमार शशि कुमार मिश्रा अभिषेक कुमार विजय गुप्ता अजीत कुमार सुमित शर्मा ऐश्वर्या सिंह कांची लोहार लाली देवी मोहम्मद दाऊद मंटू शर्मा श्रीराम शर्मा शहीद सैकड़ों लोग उपस्थित थे और गगनभेदी नारों के साथ यह नारा लगा रहे थे कि मुख्यमंत्री धोखा देना बंद करो प्लीज बंदोबस्ती के नाम पर अब जनता जाग चुकी है और हर हाल में पर्दाफाश होगा

