
जमशेदपुर।
ऱघुवर सरकार के मुश्किले कम होते नजर नही आ रही है। स्थानियता के मुद्दे पर ऱघुवर दास के फैसले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन कड़ी आपत्ती दर्ज की है। वे इस मामले को लेकर जमशेदपुर के संवाददाता सम्मेल नकर वर्तमान रघुवर दास की सरकार के क्रियाकलापो जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान उन्होने स्थानिय निती के बारे मे झारखंड मुक्ती मोर्चा की रणनिती भी बता दी। उन्होने साफ तौर पर कहा कि 1932 का खातियान या आखिरी सर्वे को आधार को बना कर स्थानियता का पारिभाषित होना चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार जो भी नई नियुक्ती कर रही है। उसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए। और रघुवर सरकार के समय हुई नियुक्ती को समीक्षा किया जाए। उन्होने कहा कि पहले स्थानियता की परिभाषित किया जाए । उसके बाद नियुक्ती की बाते हो।


सरकार को बर्खास्त राज्यपाल
वही हेमत ने कहा कि जिस सरकार के अपने 27 विधायको उनके खिलाफ अविश्वासपात्र लाया या विरोध जताया है इससे लगता है कि सरकार अपने ही अंदर खाने में अपना विश्वास मत खो चुकी है। उसके हिसाब से मुख्यमंत्री रघुवर दास को इस्तीफा देदेना चाहिए । जे एम एम इस मामले के प्रति गंभीरता ले रही है। और सरकार की बर्खास्त की मांग को लेकर जल्द ही पुरा विपक्ष राज्यपाल से मुलाकात करेगा। कि सरकार के अंदर की मंत्री और विधायक आक्रोशित है उसके निर्णयो पर विश्वास नही है। राज्यपाल ऐसे सरकार को तुरंत बर्खास्त करे।

