
जमशेदपुर।


पोटका प्रखण्ड के कोवाली थाना क्षेत्र मे हाईटेशन का तार लगाने के लिए चार .टावर लगाने आए निजी कंपनी के ईंजीनियरो और सर्वेयरो झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने ग्रामीणो के साथ मिलकर बंधक बनाया और इस दौरान उनलोगो के साथ मारपीट भी की गई।
इस सदर्भ मे मुसाबनी के डी एस पी अजीत कुमार विमल ने बताया कि खड़गपुर से चाईबासा तक हाईटेंशन तार बिछाने का काम चल रहा है। उसी क्रम मे पोटका प्रखण्ड के कोवाली थाना क्षेत्र के पाड़ियासाई गांव मे टावर लगाने का काम चल रहा था। टावर लगाने के एवज कंपनी के द्वारा 15 हजार 15 हजार मुआवजा की राशी ग्रामीणो के द्वारा देने के बात कही गई थी । लेकिन कंपनी के द्वारा 15 हजार की जगह मात्र मुआवजा के रुप मे 5 हजार की राशी का ही भुगतान किया गया था। और समान ले जाने के क्रम मे ट्रेक्ट्रर के जरिए कई खेतो का फसल बर्बाद हो गया । जिस कारण ग्रामीणो को काफी गुस्सा था । उन्होने कहा कि जैसे निजी कंपनी के लोग गांव पहुंचे तो झामुमो के कार्यकर्ताओ ने स्थानिय ग्रामीणो के सहयोग से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया । उन्होने कहा कि इस मामले मे ग्राम सभा के द्वारा कोवाली थाना मे मामला दर्ज कराया गया है। इन लोगो का कहना है कि बिना ग्राम सभा के अनुमति के टावर को लगाया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणो ने इसका विरोध किया हैं।
वही कंपनी के द्वारा कहा गया कि इस दौरान उनके कर्मचारी के साथ मारपीट भी की गई है। वही स्थानिय. ग्रामीणो का कहना है कि निजी कंपनी के सर्वेयर और इंजीनियर को सिर्फ बंधक बनाया गया । मारपीट का आरोप बिल्कुल गलत है निराधार है.

