जमशेदपुर।
बहारागोडा के विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा है कि सरकार स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यो पर श्वेत पत्र जारी करे ताकि जनता को इस परियोजना की वास्तविक स्थिती का पता चल सके। उन्होने कहा कि आखिऱ 40 वर्षो पुरानी य़ह योजना क्यो नही अभी तक पुरा हो पाया है। उन्होने कहा कि इस परियोजना की सी बी आई से जांच होनी चाहिए। उन्होने कहा कि जब से इस परियोजना की शुरुआत हुई है तब से इस अधिकारीयो और ठेकेदारो ने मिलकर निर्ममता पुर्वक लुटा है। उन्होने कहा कि इस योजना मे काम करने वाले सभी अधिकारीयो की संपति की जांच होनी चाहिए।यही नही किय वजह से कुछ अधिकारीयो की सेवा का विस्तार हुआ उसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होने कहा कि राज्य सरकार को इस योजना पर तप्तरता पुर्वक ध्यान देते हुए एक सर्वदलीय कमेटी बनाया जाए जिसमे ये कमेटी जांच करे कि इस योजना लाभदायक है या नही अगर लाभ दायक नही है तो इसे बंद कर दिया जाए।उन्होने कहा कि इस योजना के तहत जो भी कार्य हुए है उसमे घटिया साम्रगी का उपयोग किया गया है। उन्होने मुख्यमंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनो विधानसभा सत्र मे कहा था मानुस मुड़िया तक पानी छोड़ दिया गया है लेकिन सच्चाई यह है कि एक बुंद पानी नही है।
गौरतलब है कि स्वर्णरेखा परियोजना लगभग 40 वर्ष पुर्व तत्कालीन बिहार सरकार के द्वारा शुरु की गई थी। इस योजना का मकसद था कि केनाल के सहारे गांव गांव तक पानी पहुंचना । लेकिन 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना आज तक पुरी नही हो पाई है।



