
जमशेदपुर।


’’वाॅलमार्ट पिछले कई वर्शों से भारत में परिचालन कर रही है और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर रही है। भारत में अपने बी2बी बिज़नेस (होलसेल कैष एंड कैरी) की मदद से हम न सिर्फ लाखों किराना मालिकों को सफलता का मंत्र दे रहे हैं बल्कि उन्हें आधुनिक बनाने में भी मददगार हैं।
हमारा लगातार प्रयास भारत में घरेलू स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का है और इस मकसद से हम एसएमई सप्लायर्स, लघु स्तर पर सक्रिय किसानों और महिलाओं के स्वामित्व वाले कारोबारों से सामान खरीदते हैं। इसका स्पश्ट प्रमाण यही है कि हमारे 95 प्रतिषत उत्पाद देष से ही प्राप्त किए जाते हैं।
भारत उन महत्वपूर्ण देषों में से है जिनसे वाॅलमार्ट अपने अन्य बाजारों के लिए बड़ी मात्रा में उत्पादों की खरीदारी करता है। इनमें हैंडीक्राफ्ट, टैक्सटाइल, एप्रैल, फार्मास्युटिकल्स वगैरह षामिल हैं और इस प्रकार हम स्थानीय स्तर पर निर्माण के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा देते हैं।
सरकार की एफडीआई नीति के अनुरूप, जो कि मार्केटप्लेस ईकाॅमर्स माॅडल के तहत् आॅटोमेटिक रूट के जरिए 100 प्रतिषत एफडीआई की मंजूरी प्रदान करती है, फ्लिपकार्ट के साथ हमारी भागीदारी से हजारों लोकल सप्लायर्स तथा मैन्युफैक्चरर्स को मार्केटप्लेस माॅडल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। यह भागीदारी देष में एसएमई सप्लायर्स तथा किसानों को इस प्लेटफार्म के जरिए बाजार तक पहुंच बनाने और भारत में स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी।
हमें विष्वास है कि फ्लिपकार्ट और वाॅलमार्ट की मिली-जुली क्षमता से भारत के अग्रणी ई-काॅमर्स प्लेटफार्म का निर्माण किया जा सकेगा। इससे भारत को ग्राहकांे के लिए स्तरीय, किफायती उत्पाद मुहैया कराने और नए रोज़गार के अवसर पैदा करने तथा छोटे सप्लायर्स, किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए सिरे से अवसरों को तैयार करने में मदद मिलेगी।‘‘

