

कोर्ट परिसर मे अपराधियो ने घटना को दिया अंजाम
जमशेदपुर .
साकची कोर्ट परिसर में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कोर्ट परिसर मैं ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी. गोलीबारी में बस मालिक उपेन्द्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए हैं.। आनन फानन मे उन्हे उठाकर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वही पुलिस ने इस मामले में घटना स्थल से घटना को अंजाम देने वाले दो अपराधियो को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है।
अधिवक्ता के टेबल पर बैठे थे उपेन्द्र शर्मा
घटना के सर्दभ मे बताया जाता हैं की याराना बस के मालिक उपेंद्र शर्मा पर पिछले हुए साल राम शक्ल सादव की हत्या का आरोप लगा था। उसी मामले में बुधवार को सुनवाई कोर्ट में होनी थी। उसी सिलसिले मे दिन के दो बजे के लगभग में उपेंद्र सिंह आपने वकील सुभाष राय से मिलने कोर्ट गए थे.। वकील से बात करने के दौरान दो अपराधकर्मी आये सामने से ताबड़ तोड़ उन पर गोली चला दी। गोली चलते ही कोर्ट में भगदड़ मच गया। वही गोली लगते ही उपेंद्र सिंह वही गिर पड़े।वही इस दौरान उपेन्द्र सिह के ब़ॉडी गार्ड के द्वारा भी गोली चलाई गई। वही जब अपराधकर्मीयो की गोली ख़त्म हो गयी। तो सभी टेबल के छिप गये। .घटना के बाद एक आरोपी को वहां मौजूद वकीलों ने पकड़ लिया और जम कर पिटाई की. बहरहाल दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है.। वही वकील की पिटाई से अपराधी गंभीर रुप से घायल हो गए। जिनमे से एक टाटा मुख्य अस्पताल भेजा गया। वही दुसरे को एम जी एम अस्पताल भेजा गया।
टी एम एच मे उपेन्द्र समर्थको का हंगामा
जैसे ही शहर मे हल्ला उठी कि उपेन्द्र सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। वैसे उपेन्द्र सिह के समर्थक टाटा मूख्य अस्पताल मे जुटने लगे। देखते देखते टी एम एच मे काफी भीड़ हो गई। वही टाटा मुख्य अस्पताल जब भीड़ को देखते हुए पुलिस के द्वारा अतिरीक्त पुलिस बल बुला लिये गए। ठीक उसी वक्त जिसके द्वारा गोली उपेन्द्र सिह को मारा गया था। घायल अवस्था मे उसे टाटा मुख्य अस्पताल लाया गया । और टी एम एच के ईमरजंसी मे भर्ती करा दिया गया। जैसे ही उपेन्द्र सिह के समर्थको को पता लगा कि उसने गोली चलवाई है। बस फिर क्या था कुछ समर्थक टी एम एच के अंदर गए। और उसको जमकर पीटा । जैसे ही पुलिस को पता चला कि घायल अपराधी को पीटा जा रहा है तो काफी संख्या मे पुलिस बल गए और सभी को वहां से निकाला गया।
उसके बाद उपेन्द्र सिह के शव को जैसे ही दुसरे जगह ले जाने लगा तो उसके समर्थको ने शव को ले जाने नही दिया । और शव को कब्जे मे लेकर प्रशासन के विरुद्ध नारे बाजी करने लगे। उनलोगो को कहना था कि जिला प्रशासन के द्वारा उसे मरवाया गया है।वही गुस्साए समर्थको ने अस्पताल परिसर की तोड़ फोड़ की।यही नही अस्पताल से ईलाज करा कर घर जा रहे मरीज के साथ भी उनलोगो के द्वारा बदसलुकी किया गया। उसके बाद सभी लोग शव के साथ अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दिया। बाद मे सिटी एस पी के हस्तक्षेप के बाद सभी जाम से हटे।

