जमशेदपुर।
मिथिला सांस्कृतिक परिषद् द्वारा रविवार को गोलमुरी स्थित विद्यापति परिसर में वर्ष 2016 के कैलेन्डर का लोकार्पण कार्यक्रम के मुख्य अतिथी उपश्रमायुक्त एसएस पाठक, विशिष्ट अतिथि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय खां एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री रविन्द्र झा द्वारा किया गया. ज्ञात हो कि विगत 18 वर्षो से परिषद् द्वारा अपनी परंपरा, कला, संस्कृति के साथ साथ महत्वपूर्ण तिथियों एवं पावन कार्यक्रमों को कैलेन्डर में सहेजते हुए मैथिल भाषियों को उपलब्ध कराते आ रही है. बताते चले कि कैलेन्डर की यह विशेषता के कारन इसकी मांग शहर के बाहर अन्य राज्यों में भी बसे मैथिल भाषियों में है.
छः पृष्ठों की मिथिला कैलेन्डर जिसके प्रथम पृष्ठ पर सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित जानकी मंदिर, जहाँ माँ जानकी प्रकट हुयी थी. द्वितीय पृष्ठ पर मिथिला चित्रकला में बट सावित्री पूजा के चित्र को उकेरा गया. तृतीय पृष्ठ पर राजनगर(दरभंगा) स्थित काली मंदिर, चतुर्थ पृष्ठ पर मिथिला की प्रसिद्ध पंचमी पावन के अवसर पर किया गया विशिष्ठ “अरिपन”, पंचम पृष्ठ पर राज दरभंगा परिसर में स्थित “श्री रामेश्वरी श्यामा मंदिर” एवं काली मंदिर का दृश्य एवं छठे पृष्ठ पर मिथिला चित्रकला में मिथिला के नवविवाहित का प्रसिद्ध पावन “मधुश्रावणी” के द्रश्य को जगह दिया गया. इन सभी दृश्यों एवं चित्रकलाओ को संकलित एवं परिष्कृत किया परिषद् के श्री अरुण कुमार झा “कलाकार” ने.
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुवात सभी अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से द्वीप प्रज्वलित कर एवं मैथिल कवि विद्यापति के चित्र पर मलायार्पण कर तथा भगवती गीत जय जय भैरवी….. गाकर किया गया. तत्पश्चात सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, पाग एवं शाल देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन मैथिल साहित्यकार श्री अशोक झा “अविचल” ने किया उन्होंने कैलेन्डर की विशेषताओ को भी उजागर किया. संस्था के महासचिव श्री ललन चौधरी ने उपस्थित तमाम अतिथियों एवं मैथिल सदस्यों का स्वागत किया. विशिष्ट अतिथि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्री विजय खां ने कहा कि मैथिल पाग पहनने वाले सभी लोगो को अब अपने कर्तव्य निभाने का वक़्त आ गया है कि समय रहते हम एकजूट होकर अपने इस परिसर को एक आकार प्रदान करें और मैं अपने समाज के लिए कुछ करू यह मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी. श्री रविन्द्र झा ने कहा कि कैलेन्डर अपने आप में मैथिल संस्कृतियों एवं परम्पराओ को सहेजा है साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के लिए विद्यापति परिसर के रूप और आकार में परिवर्तन होना चाहिए ताकि समाज का जुटान और गतिविधि और भी भव्य हो. मुख्या अतिथि जिला के उपश्रमायुक्त श्री श्याम सुंदर पाठक जी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था के निरंतर कार्यों, कैलेन्डर के रूप में मिथिला झलक को दर्शाना वाकई सराहनीय कदम है. मिथिला संस्कृति पुरातन एवं सम्मानीय संस्कृति है जिस पर सभी मैथिल को गर्व होना चाहिए. साथ ही उन्होंने अन्य अतिथियों द्वारा परिसर में बेहतर सभागार एवं अन्य गतिविधियों के प्रस्ताव का भी समर्थन करते हुए कहा कि हमें समिति बनाकर सरकार के मंत्री एवं अन्य संस्थाओ से बातचीत आगे बढाकर कार्य करना चाहिए. कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन दिया श्री लक्ष्मण झा ने. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया संस्था के कोषाध्यक्ष श्री आकाश चन्द्र मिश्र ने.
इस कार्यक्रम में मुख्या रूप से अखिलेश झा, अरुण झा, आकाश चन्द्र मिश्र, उत्तिमलाल झा, अमर कुमार झा, नवकांत झा,सुजीत झा, कैलाश झा,प्रवीन मिश्र, राजेश झा, शंकरनाथ झा, रोहित कुमार, राजेश कुमार झा, बिपिन झा, चन्द्रमोहन पाठक, लक्ष्मीनाथ गोस्वामी समिती के सरोज कुमार मिश्र, के सी मिश्र एवं तमाम मैथिल जन उपस्थित थे.
