
अपने अधिकारियों के बचाव में आये सुरक्षाकर्मी


मामला एमजीएम अस्पताल की महिला सुरक्षाकर्मियों द्वारा अपने वरीय पदाधिकारियों के खिलाफ अश्लील हरकत करने के आरोप का
जमशेदपुरः एमजीएम अस्पताल, साकची में तैनात जी अलर्ट सिक्युरिटी इंटिलिजेंस सर्विसेज की करीब आधे दर्जन महिला सुरक्षाकर्मियों ने अपने ही वरीय पदाधिकारियों उनके साथ अश्लील हरत करने का आरोप सोमवार को झारखंड विकास मोरचा के साथ मिल कर एमजीएम के अधीक्षक से मिल कर लगाया. उधर जैसे ही यह पता चला कि महिला सुरक्षाकर्मियों ने अपने अधिकारियों आरपी शर्मा व प्रदीप चौधरी पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है, तो अस्पताल परिसर में तैनात अन्य करीब पचास सुरक्षाकर्मी (जिनमें महिला व पुरुष दोनो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं) दोनों वरीय पदाधिकारियों के पक्ष में खड़े हो गये और अपने मुख्य सुरक्षा पदाधिकारी को एक पत्र दे कर कहा है कि उक्त महिला सुरक्षाकर्मियों द्वारा लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं. दरअसल दोनों पदाधिकारी साफ-सुथरे चरित्र के हैं. महिला सुरक्षाकर्मी जान बूझ कर उनका चरित्र हनन करने का प्रयास कर रही है. जबकि सच्चाई यह है कि उक्त कर्मियों द्वारा ड्यूटी में लगातार लापरवाही करने, परेड में भाग नहीं लेना, अनुशासन का पालन नहीं करना, रात्रि ड्यूटी से कतरना तथा ड्यूटी पड़ने पर रात्रि में ड्यूटी के दौरान सो जाना उनकी आदत बनी हुई है. ऐसे में जब पदाधिकारियों द्वारा सख्ती बरती जाती है और अनुशासन में रहने को कहा जाता है, तो उनके खिलाफ नियोजित तरीके से चरित्र हनन का प्रयास किया गया है. पत्र के माध्यम से सुरक्षाकर्मी क्रिस्टीना मुखर्जी, लीना मुखर्जी, सुनिया कमारी पासवान, रीना सांडिल, फूने भंवरी पासवान व बेबी पासवान को तत्काल पद से हटाये जाने की मांग सुरक्षाकर्मियों ने की है. पत्र लिखनेवाले सुरक्षाकर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- बलदेव सिंह, दीपक कुमार, जितेंद्र कुमार, उदय लाहा, सुजाता देवी, कनक राज शर्मा, रूबी रवि दास, धीरज कुमार सिंह, अजीत पॉल, नंद किशोर गुप्ता समेत पचास सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.

