जमशेदपुरः भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को वापस लिये जाने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर जमशेदपुर की संयुक्त वाम मोरचा ने उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया. साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. धरना में पूरे जिले के विभिन्न प्रखंडों से पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. यह धऱना प्रदर्शेन पूरे झारखंड के जिला मुख्यालयों में किया जा रहा है.
धरना के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल से मिलकर राष्ट्रपति नाम एक छह सूत्री ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लिये जाने के साथ ही श्रम कानूनों से मजदूर विरोधी संशोधनों को रद्द किये जाने, हर स्तर पर एफडीआई को बंद किये जाने, मंहगाई पर लगाम लगाने, खाद्य सामग्रियों को शेयर बाजार से मुक्त किये जाने, फारवर्ड ट्रेडिंग पर रोक लगाने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाने तथा अमानवीय ठेका प्रथा समाप्त किये जाने, आउट सोर्सिग पर रोक लगाने की मांगें शामिल थीं.
धरना पर सीपीआई के जिला सचिव शशि कुमार, स्वपन घोषाल, एसएन सिंह, अंबुज ठाकुर, जसकीत सिंह, हुसैन, जगदीश सिंह, नरसिंह राव तथा राम अयोध्या राम, सीपीआई(एम) से जिला सचिव जेके मजुमदार, जेपी सिंह, गीता झा, उषा सिंह, जया मजुमदार, हीरा झा, बी झा, नारायण व गुप्तेश्वर सिंह, माकपा (माले) से जिला सचिव एसके राय, राज्य कमेटी सदस्य ओम प्रकाश सिंह, राजेंद्र राम, तारकेश्वर पासवान, शंकर सिंह, अनिता सिंह व राम पलख चौधरी, एसयूसीआइ(कम्युनिष्ट) जिला सचिव विमल दास, सुमित राय, समर महतो, सीताराम टुडु, पतित कोइला, रिंकी कुमारी, श्रीमंत बारिक, सोहन महतो, मुकुल मिश्रा, प्रताप तिवारी, धीरेन महतो, अंबिका महतो, प्रवीण महतो, शुभम झा, चंद्रा सेन आदि समेत कई लोग शामिल थे.



