जमशेदपुर-ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्था के संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा के जीवन चरित्र को बताया गया

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आज शिविर के दसवें दिन ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्था के संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा के जीवन चरित्र को बताया गया की किस प्रकार परमपिता परमात्मा ने उन्हें अपना माध्यम बनाया ताकि ईश्वरीय ज्ञान द्वारा जन-जन का कल्याण हो सकें।
शिविर में कई मिथ्या बातों को भी स्पष्ट किया गया की कई लोग पूछते है ब्रह्माकुमारीज़ का क्या धर्म है? इसके उत्तर में यह बताया गया कि ब्रह्माकुमारीज़ में मानवता का धर्म सिखाया जाता है, सभी को प्यार, सम्मान ,सहयोग देना सिख लाता है।यह संस्था सभी धर्माें के लोगो लिए है, जहा राजयोग निःशुल्क सिखाया जाता है।
इसके साथ ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने संस्था की वर्तमान रूपरेखा को बताते हुए यह कहा कि आज यह संस्था विश्व के 140 से भी ज्यादा देशों में फैली हुई है, जिसका लाभ लाखों लोग उठा रहे है।संस्था कि वर्तमान मुख्य प्रसाशिका दादी जानकी जी को ’’मोस्ट स्टेबल माइड इन द वर्ड’’ के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।संस्था की 20 विंग्स है जिस के माध्यम से समाज के अनेक वर्गो में यह सक्रीय रूप से कार्य कर रही है।
संस्था से अवगत कराने के पश्चात् ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने सभी को भगवान को पत्र लिखने को कहा, जिसमें वह अपने मन के बातों को भगवान के आगे रखें। शिविर के अंत में ’’अलौकिक जन्मोत्सव’’ बड़े धूमधाम से मनाया गया।
कल शिविर के ग्यारहवें दिन ’’मानव जीवन का लक्ष्य एवं सृष्टि चक्र’’के विषय पर बताया जाएगा और ’’महाविजय उत्सव’’ मनाया जाएगा।

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