
चालू खाता खोलने से पहले संलग्न ट्रेड लाइसेंस का जेएनएसी से सत्यापन करा लें बैंक
फर्जीवाड़ा करने वालों के प्रति जेएनएसी सख्त, होगी जेल : विशेष अधिकारी
जमशेदपुर। एक सप्ताह के अंदर यह तीसरा मामला है जब जेएनएसी ने फर्जी म्युनिसिपल लाइसेंस बनाने के आरोप में तीसरे व्यक्ति को धर दबोचा है। तीन दिन पूर्व साकची में दो युवकों को फर्जी लाइसेंस के साथ पकडे जाने पर जेएनएसी की तरफ से प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए आरोपियों को जालसाज़ी के मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद मंगलवार को भी बिष्टुपुर में जूता व्यापारी सैफ अली के नाम से फर्जी ट्रेड लाइसेंस का मामला प्रकाश में आया। उक्त व्यवसायी की निशानदेही पर एक निजी बैंक के कर्मी को जेएनएसी के उड़नदस्ता दल ने पकड़ा। विशेष पदाधिकारी द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में लम्बी पूछताछ के क्रम में बैंक कर्मी ने कई ऐसी महत्वपूर्ण सूचनायें दीं जिनके आधार पर फर्जीवाड़ा करने वाले ऐसे बड़े गिरोह का भंडाभोड़ होने की उम्मीद है। पिछले सभी मामलों में एक बात कॉमन है कि फर्जी ट्रेड लाइसेंस का उपयोग या तो चालू खाता खोलने के लिए किया जा रहा था या फिर बैंक ऋण लेने के लिए। इसलिए विशेष पदाधिकारी ने सभी बैंक प्रबंधकों से भी अपील की है कि किसी भी ट्रेड लाइसेंस के आधार पर लोन आदि देने के पहले ऐसे ट्रेड लाइसेंस का जरूर सत्यापन कर लें जो ऑफलाइन बने हों। यद्यपि नवंबर 2017 के बाद से जेएनएसी ने सिर्फऑनलाइन ट्रेड लाइसेंस का प्रावधान कर दिया है। विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि फर्जी लाइसेंस के मामले मिलने से इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि कोई संगठित गिरोह काम कर रहा। कई वर्षों से निकाय को चूना लगा रहे ऐसे आर्थिक अपराधियों को एक एक कर ढूढ़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उन्हें कड़ी सजा दी जा सके।

