जमशेदपुर-निशु जाएगी जापान,पवन उर्जा के सहारे चलने वाले कुलर का निर्माण किया है निशु

जमशेदपुर।
सरायकेला जिले की आदित्यपुर में बस्ती की रहने वाली नन्ही वैज्ञानिक निशु कुमारी अब ज़ल्द ही जापान की उडान भरेगी। उसका चयन पवन उर्जा के सहारे चलने वाले कुलर का निर्माण के लिए किया गया। लेकिन शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये के कारण निशु को दिक्कते आ रही है।

बताया जाता है कि सरायकेला खरसांवा जिला के आदित्यपुर के बनता नगर की रहने वाली निशु कुमारी ने विज्ञानं और प्रोद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इंस्पायर आवार्ड के तहत पवन उर्जा का प्रयोग कर देशी कूलर का माडल तैयार किया था ।जिसका प्रदर्शन अब जापान में आयोजित होने वाले सकुरा एक्सचेंज प्रोग्राम में किया जाना है । जो आगामी 16 – 23 मई तक जापान के ओसाका में होगा .।जहा निशु पुरे झारखंड का प्रतिनिधित्व करेगी ।इसके तहत निशु 15 मई को दिल्ली एअरपोर्ट से जापान को रवाना होगी ।जिसका खर्च तो सरकार वहन करना । लेकिन निशु कुमारी के अनुसार वह दिल्ली तो दुर जपान कैसे जाएगी इसकी क्या व्यवस्था है ।इसकी कोई जानकारी अब तक नहीं दी गयी है
पवन उर्जा के सहारे चलने वाले कुलर का निर्माण किया है निशु
आदित्यपुर के बनतानगर जैसे पिछङी बस्ती की रहनेवाली निशु को लोगो की परेशानी देखकर कुलर बनाने की प्रेरणा मिली ।बीते साल अप्रैल माह मे शिक्षा विभाग के द्वारा आयोजित प्रखंड स्तरीय प्रर्दशनी के दौरान नीशू को मौका मिला। और स्कूल के शिक्षक नंदेश्वर सिंह की सहायता से अपनी सोच को अमलीजाना पहनाया । पवन उर्जा के सहारे चलने वाले कुलर का निर्माण कर डाला।और प्रखण्ड स्तर मे निशु के म़ॉडल को चुन लिया गया ।उसके बाद जिला स्तर पर निशु के म़ॉडल को चुन लिया गया ।उसके बाद राज्य स्तरीय प्रदर्शनी मे निशु ने बाजी मारी ।राष्ट्रीय स्तर पर बीते साल 09 अक्टुबर को पूर्वी क्षेत्र में अव्वल ऱही । इसके लिए निशु को नई दिल्ली मे 10 अक्टुबर को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हाथो पुरस्क़ृत किया गया।
पिता की भी गई नौकऱी

बेहद ही गरीब परिवार से आने वाली निशु के पिता अखिलेश प्रसाद एक निजी कंपनी में मजदूरीकर अपने परिवार को चलते है अपनी बेटी को जापान भेजने का सपना दिनरात आखो में पाले हुए है इन्होने अपने स्तर से हर कोशिश की है बेटी के पासपोर्ट बनाने को लेकर पिता अखिलेश अक्सर रांची के पासपोर्ट ऑफिस जाते रहे जिसके कारण इन्हें अपने काम से भी हाथ धोना पड़ा है और अब ये बेरोजगार है और नौकरी के तलाश में हैं।

वार्ड पार्षद ने अपने स्तर से किया दिल्ली जाने की व्यवस्था

स्थानीय वार्ड पार्षद पुरेन्द्र नारायण सिंह ने नन्ही वैज्ञानिक निशु कुमारी और इनके पिता के दिल्ली जाने का बीड़ा उठाया है ।वार्ड पार्षद ने निशु और उसके पिता के लिए दिल्ली आने जाने का किराया और अलग से दस हजार रुपया की व्यवस्था की है. वार्ड पार्षद का कहना है कि वैज्ञानिक निशु कुमारी में भावी वैज्ञानिक की असीम संभावनाये है और आगे चलकर ये पुरे क्षेत्र का नाम रौशन करेगी।

कब कहां मिली सफलता
उपराष्ट्रपति ने पुरस्कार दिया नई दिल्ली 10 अक्टूबर
राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी नई दिल्ली 8-9 अक्टूबर
राज्य स्तरीय प्रदर्शनी रांची 19-20 अगस्त
जिला स्तरीय प्रदर्शनी सरायकेला 24-25 जुलाई

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