
तमिलनाडु के तिरुपुर में झारखंड की लगभग एक दर्जन से ज्यादा बेटियाँ फंसी हैं। वे वहां बेस्ट कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश चक्रधरपुर और पश्चिमी सिंहभूम की निवासी हैं। युवतियाँ झारखंड लौटना चाहतीं है लेकिन कंपनी उन्हें वापस लौटने नहीं दे रही और कार्य करने का दबाव बना रही है। सोमवार को श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से कई युवतियों को झारखंड लौटना था लेकिन रसूख का इस्तेमाल करते हुए बेस्ट कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड कंपनी प्रबंधन ने उन्हें रेलवे स्टेशन से वापस लौटने को विवश कर दिया। युवतियों के परिजन इस मामले को लेकर पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त से भी फ़रियाद लगा चुके हैं। युवतियों के परिजनों से मामले की सूचना मिलने पर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा के तेज़तर्रार युवा नेता कुणाल षाड़ंगी ने युवतियों तक मदद पहुंचाने की कवायद शुरू कर दिया। मंगलवार देर रात को उन्होंने ट्वीट करते हुए तमिलनाडु सरकार से मदद के लिए आग्रह किया। इसपर तमिलनाडु सरकार की स्वास्थ्य सचिव डॉ. बीला राजेश ने तिरुपुर ज़िले के डीसी को उचित कार्रवाई के लिए निदेशित किया। उक्त ज़िले के डीसी विजय कार्तिकेयन के. ने विधायक कुणाल षाड़ंगी को ट्वीटर पर ही सूचना दिया कि प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया है और युवतियों को झारखंड के गृह जिलों तक पहुंचाने की दिशा में शीघ्रता से पहल की जा रही है। बुधवार शाम तक प्राप्त जानकारी के अनुसार तमिलनाडु में फंसी युवतियों में से कुछ लड़कियों के टिकट का प्रबंध डीसी विजय कार्तिकेयन के. ने करवाया है और गुरुवार की सुबह ही श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से उन्हें झारखंड के लिए रवाना कर दिया जायेगा। बाकी बची युवतियों को भी जल्द लौटने की व्यवस्था की जा रही है। कोरोना महासंक्रमण काल में कुणाल षाड़ंगी के ट्वीट्स चर्चाओं में रही है। इससे पहले भी गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न जिलों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने में कुणाल षाड़ंगी के ट्वीट कारगर साबित हुए हैं।



