जमशेदपुर।
टाटा स्टील ने अपने कलिंगानगर स्टील प्लांट में टाटा फेरोशॉट्स का उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। यह उत्पाद व्यावसायिक तौर पर पहली बार भारत में लांच किया गया है, और मेटालिक्स उद्योग में इससे आमूल परिवर्तन आने की उम्मीद की जा रही है।
टाटा फेरोशॉट्स, दरअसल, ग्रैन्यूलेटेड पिग आयरन या आयरन ड्रॉपलेट्स होते हैं, जिन्हें पानी में कूलिंग के जरिए ठोस में परिवर्तित किया जाता है।
टाटा फेरोशॉट्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, इंडक्शन फर्नेस, क्यूपोला, बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस एवं फाउंड्रीज में पिग आयरन, स्क्रैप या डीआरआई के रिप्लेसमेंट के रूप में किया जाता है। अपने निहित गुणों के कारण यह बेहतर उत्पादन, उच्च उत्पादकता और कम ऊर्जा लागत हासिल करने में मददगार साबित होता है। इसके उत्पादन की प्रक्रिया पर्यावरण-स्नेही और सुरक्षित है।
टाटा फेरोशॉट्स के पहले डिस्पैच को श्री राजीव कुमार, वाइस प्रेसिडेन्ट, कलिंगानगर ऑपरेशन्स ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
