

अमीत मिश्रा ,जमशेदपुर।
एक बार फिर नक्सली संगठन झाऱखंड – बंगाल सीमा पर अपना पैर पसारने मे लग गया है । इस बात की पृष्ठी 17 पूर्वी सिहभुम के घाटशिला थाना क्षेत्र के सुकना पहाड़ी के विगत 17 सितबंर को जमशेदपुर पुलिस और सी आर पी एफ की संयुक्त अभियान के दौरान नक्सलियो के साथ मुठभेड़ के बाद न सिर्फ हथियार मिले बल्कि कई पोस्टर के अलावे नकसली साहित्य भी मिले थे। यह अभियान ए एस पी शैलेन्द्र कुमार वर्णवाल के नेतृत्व मे किया गया था । इस अभियान के तहत नक्सली किसी प्रकार वहां से अपना जान बचा कर भागने मे सफल रहे थे ।
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से कई महत्वपुर्ण डायरी और दस्तावेज भी बरामद किया गया था। वही पुलिस सुत्रो की माने तो पुलिस को वहां से एक बैनर भी बरामद किया गया था ।जिसमे माओवादियो के द्वारा ममता बनर्जी को मारने का फरमान जारी किया गया था। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया और पुरुलिया जिला के बाराबांकी थाना क्षेत्र मं एक सी आर पी एफ का स्थाई कैप लगवाया ।और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रो मे बराबर अभियान चला रही है । यही नही 1 अक्टुबर को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर डी एस पी स्तर के अधिकारीयो की बैठक भी किये गए ।जिसमे कई अहम निर्णय लिया गया।
सुत्रो की माने तो नक्सली इसलिए इस क्षेत्र को अपना केन्द्र बनाना चाहते है क्योकि अगर पुलिस को उनके स्थान का पता चल जाए तो वे बंगाल ओडिसा और झारखंड कही भी भाग सकते है।
इस सदर्भ मे ग्रामीण एस पी शैलेन्द्र कुमार सिहा कहना है कि झारखंड पुलिस और पश्छिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर सामंजस्य बैठाकर लगातार अभियान चला रही है। कुछ दिन पूर्व नक्सलियो के विरोध चलाये जा रहे अभियान मे हमे कुछ दस्तावेज हाथ लगे थे। जिससे यहा पता चलता है कि नक्सली संगठन फिर सक्रिय होने के फिराक मे है। पर हमारे द्वारा चालाये गए अभियान मे उनके मसुंबे मे पानी फेर दिया । और वे निरतंर अपने ठिकाने बदलने मे लगे हुए है । लेकिन नक्सली संगठन के खिलाफ पुलिस के द्वारा निरतंर जारी है जारी रहेगा।
