
जमशेदपुरः झारखंड में 1 जुलाई 2015 से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू नहीं होगा. यह बात राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कही. वे यहां परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. श्री राय ने कहा कि जब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक वे इसे लागू नहीं करेंगे. श्री राय ने यह भी कहा कि 15 अगस्त से वे लागू करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया जायेगा. साथ ही आपूर्ति विभाग से संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी व ट्रांसपोर्टर सभी विशेष निगरानी में रहेंगे. श्री राय ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द से यह लागू हो, ताकि सही व्यक्ति को इसका लाभ मिले. श्री राय ने कहा कि सप्लाई चैन मैनेजमेंट (आपूर्ति श्रृंखला) में कई खामियां हैं 15 अगस्त तक सारी खामियों को दूर कर लिए जाएंगे. श्री राय ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 35 लाख लाभुक हैं जबकि खाद्य सुरक्षा के सर्वे बाद यह बढ़कर 49 लाख हो जाने का अनुमान है. श्री राय ने भरोसा दिलाया कि सरकार पर इसका कोई प्रभाव नही पड़ेगा. श्री राय ने कहा कि 15 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जाएगा जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में वार्ड व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर अभियान चलाकर खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जाएगा.
श्री राय ने बताया कि राज्य में एफसीआई गोजाम मैनेजर के रूप में बीसीओ स्तर के अधिकारियों की सेवा ली जाएगी. साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर बहाली की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी. श्री राय ने कहा कि अब दो ही किस्म के राशन कार्ड रहेंगे एक पील व एक गुलाबी रंग का होगा जबकि कार्ड की डिजाईन एक ही प्रकार की रहेगी. कार्ड़ की छपाई का जिम्मा उपायुक्त के पास रहेगा विभाग पैसा देगा. एक सवाल के जवाब में श्री राय मे कहा कि डीलरों को कालाबाजारी करने नहीं दिया जाएगा क्योंकि पहले प्रति क्वींटल 26 रू. कमीशन दिया जाता था जबकि अभी 46 रू. दिया जा रहा है. श्री राय ने कहा कि जब खाद्य सुरक्षा बिल लागु हो जाएगी तो डीलरों का कमीशन बढ़कर 79 रू. हो जाएगा.
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