
संघ ने सिटी एसपी चंदन कुमार झा पर प्राथमिकी को झूठा साबित करने करने का लगाया आरोप, एसपी ने किया खंडन


जमशेदपुरः जमशेदपुर अभिभावक संघ की भूख हड़ताल चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा. यह हड़ताल उपायुक्त कार्यालय के समीप चलाया जा रहा है. लगातार चल रही हड़ताल से अनशन में शामिल अनशनकारियों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. इधर शनिवार को संघ ने एक विज्ञप्ति जारी कर सिटी एसपी चंदन कुमार झा पर अभिवंचित वर्ग के लोगों द्वारा करायी गयी प्राथमिकी को झूठा साबित करने का आरोप लगाया है. गौरतलब है कि राजेंद्र विद्यालय में अपने बच्चों के लिए नामांकन के लिए गये अभिवंचित वर्ग के अभिभावकों को स्कूल के शिक्षक व छात्रों ने जम कर पिटाई की थी. यह सब स्कूल प्रबंधन के इशारे पर किया गया था. इस संबंध में अभिवंचित वर्ग के अभिभावक सरिता मांझी द्वारा स्थानीय थाने में नामजद प्राथमिकी एससी – एसटी एक्ट के तहत दर्ज करायी गयी थी, लेकिन 22 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई नहीं की, जिससे आक्रोशित अभिवंचित वर्ग के अभिभावक जमशेदुपर अभिभावक संघ के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के समक्ष विगत 27 मई 2015 से आमरण अनशन पर बैठ गये. इसी सिलसिले में 29 मई 2015 को हड़तालियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री रघुवर दास के शहर आगमन पर उनके एग्रिको स्थित आवास सह कार्यालय में मिला तथा सारी बातों से अवगत कराया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सिटी एसपी को बुलावा भेजा, लेकिन पंद्रह मिनट हो जाने के बाद भी सिटी एसपी नहीं पहुंचे. मुख्यमंत्री को अन्य किसी कार्यक्रम में जाने की जल्दी थी, इसलिए वे 15 मिनट प्रतीक्षा के बाद निकल गये. बाद में सिटी एसपी ने अनशन स्थल पर पहुंच कर महिला हड़ताली प्रतिनिधियों को धमकाना शुरू कर दिया. कहा कि एफआईआर झूठा है, क्योंकि सरिता मांझी अनुसूचित जन जाति समाज की नहीं है, जबकि सिटी एसपी ने इस संबंध में कोई जांच शुरू नहीं की. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सिटी एसपी दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. शनिवार को संघ ने सरिता मांझी के अनुसूचित जनजाति में शामिल होने का प्रमाण पत्र भी सिटी एसपी को उपलब्ध करा दिया है.
उधर इस संबंध में सिटी एसपी चंदन कुमार झा ने संघ के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अभी तक जांच ही शुरू नहीं की गयी, क्योंकि हडतालियों द्वारा सातवीं-आठवीं कक्षा के छात्रों पर भी मारपीट का आरोप लगाया गया है, जब तक कि पुख्ता प्रमाण नहीं मिलता है, तो किसी की गिरफ्तारी संभव नहीं है. रहा सवाल एससी एसटी होने का, तो यह फैसला करना उनका काम नहीं है. इसके लिए वे अधिकृत नहीं है. प्रारंभिक जांच शुरू हो चुकी है.
आप ने दिया समर्थन
आम आदमी पार्टी ने जमशेदपुर अभिभावक संघ द्वारा की जा रही भूख हड़ताल को अपना नैतिक समर्थन दिया है. आप नेता प्रेम कुमार, शंभु सिंह, सुमंतो चौधरी, इकबाल अंसारी, उपेंद्र कुमार पांडेय, विनीता मिश्रा, शालिग्राम पासवान आदि नेताओं ने अनशन स्थल पर पहुंच कर अपना समर्थन दिया. प्रेम कुमार ने कहा है कि अभिभावक संघ की हड़ताल जायज है. अगर प्रशासन ने न्याय नहीं किया, तो आप पार्टी भी सड़कों पर उतर जायेगी.

