जमशेदपुर -कृष्णा होटल को तोड़ने में रेल प्रशासन को मिली सफलत भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध नहीं आया काम

जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन चौक के पास रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनी चार बड़े होटलों में से एक होटल (कृष्णा होटल) को जिला प्रशासन के सहयोग से रेलवे प्रशासन ने बल प्रयोग कर उजाड़ दिया। पिछले 40 वषों से कृष्णा होटल इसी स्थान पर चल रहा था जिसे गुरूवार को तोड़ दिया गया। अन्य तीन होटल जो नहीं तोडे गये हैं उनका नाम क्रमशः सिंह हिंदू होटल, न्यू सिंह हिंदू होटल और मोहित होटल है। ये तीनों होटल भी पिछले 40 वर्षो से रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर बने हुए हैं। इन होटलों को तोड़ने का मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

विरोध होने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी संख्या मे आरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। व्रज वाहन भी पहले से ही बुला लिया गया था। दंडाधिकारी के रूप में प्रखंड कार्यालय के पदाधिकारी मनोज कुमार तैनात थे। इस होटल के मालिक श्रीभगवान यादव ने कहा कि रेलवे प्रशासन ने उसके साथ सौतेलापन व्यवहार किया है। अन्य होटलों को भी तोड़ने की मांग उन्होंने की। इस होटल को नहीं तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट में स्टे आर्डर के लिए एक मामला विचाराधीन है जिसकी सुनवाई के लिए गुरूवार 23 अप्रैल को तिथि तय की गयी है।

कृष्णा होटल को उजाड़ने से पहले रेलवे और जिला पुलिस प्रशासन को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने कई बार लाठियां भी भांजी। होटल नहीं तोड़ने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा लेकर पोकलेन के सामने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांसद विद्युतवरण महतो का नाम लेते हुए कहा कि सांसद ने डीआरएम से बात कर ली है होटल नहीं टूटेगा। होटल तोड़ने पहंुचे रेलवे के अधिकारियों ने डीआरएम से फोन पर बात की तो डीआरएम ने सांसद से बात होने से साफ इंकार करते हुए तोड़ने का सख्त आदेश भी दिया। डीआरएम से फोन पर बात होने के बाद तोड़फोड़ अभियान तेजी से चला जो दो घंटे में ही समाप्त हो गया। जानकारी हो कि कृष्णा होटल को तोड़ने के लिए इससे पहले भी रेलवे और जिला प्रशासन द्वारा चार बार प्रयास किया गया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। पांचवीं बार के प्रयास में सफलता मिली।

 

 

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More