जमशेदपुर-एक्स आई टी आई, गम्हरिया में हुई क्रिएटिव राइटिंग कार्यशाला, प्रोफेशनल कोर्सेस के छात्र-छात्राओं ने ली अंकित पाठक से प्रेरणा

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*, पॉकेटबूक “इट्स ऑल अबाउट माही” लिखने का अनुभव किया साझा*
आदित्यपुर-गम्हरिया, 2 फरवरी 2017 : गम्हरिया स्थित एक्स आई टी आई में छात्र-छात्राओं में क्रिएटिव सोच एवं लेखन को बढ़ावा देने हेतु क्रिएटिव राइटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत में संस्थान के डीन एंथनी जी. ने विद्यार्थियों को बताया कि हमें खुद के अंदर क्रिएटिवटी को जगाना चाहिए, क्रिएटिव सोच के साथ हम जीवन के सभी क्षेत्रों में बेहतर कर सकते है। उन्होने विद्यार्थियों को हाल ही में रोटरी यूथ लीडरशिप अवार्ड 2017 से सम्मानित किए गए अंकित पाठक का परिचय कराते हुये, उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।
अंकित छात्र-छात्राओं से मुखातिब होते हुये “इट्स आल अबाउट माही” लिखने की पूरी कहानी साझा की। उन्होने बताया कि हर किसी के अंदर कहानी होती है, जिसे वो बयान कर सकता है। वो स्कूल व कॉलेज के दिनों में नुक्कड़ नाटकों की स्क्रिप्ट लिखा करते थे, धोनी से जुड़ी यादों से प्रेरणा लेते हुये उन्होने पॉकेट बूक लिखने का प्रयास किया और वह सफल रहे। उन्होने बताया कि पॉकेटबुक लिखने के बाद उनकी प्रसिद्धि काफी बढ़ी है, अब वो कई युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बन रहे है। आप सभी भी अपने अंदर की रचनात्मकता को पहचान कर अपने अंदर कुछ नयी संभावनाएँ तलाश सकते है।
मौके पर उपस्थित तरुण कुमार ने भी विद्यार्थियो से मुखातिब होते हुये उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभाने को प्रेरित किया। तरुण ने ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों एवं समाज के साथ कार्य किए जाने के अनुभव को साझा करते हुये बताया कि समाज की संरचना एवं सहयोग की बदौलत ही हम सभी अपने पैरों पर खड़े होने के काबिल बन पाते है। जब हम पढ़-लिखकर सक्षम हो जाए, तब हमें समाज के सुविधावंचित तबकों एवं ग्रामीण इलाकों के उत्थान के लिए यथासंभव योगदान जरूर देना चाहिए। तरुण ने बताया की लेखन में उनकी भी गहरी रुचि है, चीजों को लिखकर व्यक्त करने की अच्छी आदत सभी को अपने अंदर विकसित करनी चाहिए, इससे खुद में काफी कुछ परिवर्तन महसूस किया जा सकता है।
मौके पर उपस्थित संस्थान के प्रिंसीपल फादर जोसेफ ने अंकित पाठक को सम्मानित किया। अंकित के स्टैंड अप कॉमेडी शो के साथ हल्के-फूलके अंदाज़ में कार्यशाला का समापन हुआ। मौके पर शिक्षिका सुष्मिता एवं बीबीए, बीसीए, बीकॉम के 250 से ज्यादा छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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