
जमशेदपुर।


अमरा बांगाली पार्टी की ओर से साकची गोलचक्कर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का पालन किया गया । 1952 को आज ही के दिन पूर्वी पाकस्तिान वर्तमान में बांग्लादेश की बांग्लाभाषी जनता अपनी मातृभाषा की रक्षा के लिए साम्राज्यवाद की शोषण के विरोध में एक रैली निकाला था जिसमें पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से 5 छात्र शहीद हुए थे जिनका नाम था सफीउर रहमान , रफीक अहमद , अब्दुल जब्बार , अदुस सलाम एवं अबुल बरकत । मातृभाषा के माध्यम से शक्षिा एवं संस्कृति की रक्षा का अधिकार पूरी दुनिया में लागू किया गया है, राष्ट्रसंघ द्वारा आज के दिन को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में स्वीकृति मिला है ।
आमरा बांगाली पार्टी झारखंड में बांग्ला भाषा एवं यहां की संस्कृति को बचाने के लिए बांग्ला भाषा एवं बांग्ला संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए एक सुसज्जित रैली का आयोजन किया जिसमें बृहद झारखंड जिसे प्राचीन राढ़ अंचल के नाम से भी जाना जाता है के अलग-अलग क्षेत्र से बड़ी तादाद में मातृभाषा प्रेमी शामिल हुए । राढ़ बांग्ला की परंपरा ढाक की गूंज से रैली की शुभारंभ एवं सबको आमंत्रित किया गया रैली में सबसे पहले पांचों भाषा शहीदों की स्मृतिकलश का प्रदर्शन किया गया उसके बाद क्षत्रिय मनोभाव का प्रदर्शन करते हुए बांगाली वहिनी रैली में शामिल हुए उसके बाद झारखंड के पूर्वीसिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं पश्चिमसिंहभूम जिला से आए हुए विभन्यि प्रतिनिधियों ने बांग्ला संस्कृति की छो नृत्य, काठी नृत्य, झुमुर, बाउल संगीत, भादू ,माझी नाच, नटुआ नाच, का प्रदर्शन करते हुए रैली में शामिल हुए । यह रैली साकची आम बगान से दोपहर2:00 बजे निकलकर उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंचा इस अवसर पर उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा गया । उपायुक्त कार्यालय के समीप उपस्थित सभी लोगों ने शपथ लिया कि जबतक झारखंड में बांग्ला भाषा को राज्यभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं होता है एवं बांग्ला संस्कृति एवं झारखंड के स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होती है तबतक आमरा बांगाली पार्टी आमरण आंदोलन करता रहेगा । अगर आमरा बांगाली पार्टी की मांगे पूरी नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसका जम्मिेदार राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन होगा । इसी प्रकार रैली साकची की विभन्नि पथ की परक्रिमा करते हुए साकची गोलचक्कर में एक सभा में शामिल हुआ । इस सभा का सभापति के रूप में श्री आशीष नाग चौधरी उपस्थित थे उनके अलावा इस सभा में मुख्य रूप से आमरा बांगाली पार्टी के केंद्रीय सदस्य श्री अंगद महतो सरायकेला-खरसांवा के जिला सचिव श्री तापस महतो, श्री ललित मोहन महतो, श्री गोर मोहन गुहा, श्री तड़ित बनर्जी, श्री श्यामा प्रसाद महतो , श्री नरेंद्र नाथ महतो, श्री कृष्ण पद सिंह, श्री जगन्नाथ सिंह एवं बांगाली महिला समाज से श्रीमती रेखा महतो श्रीमती शिखा महतो श्रीमती सपना गुहा आदि उपस्थित थे सभा में सभी ने शहीद बेदी पर माल्यार्पण किए एवं अपना वक्तव्य रखें ।
आमरा बांगाली पार्टी की मांगे-
1.जल्द से जल्द बांग्ला भाषा को झारखंड का राज्यभाषा का दर्जा देना होगा ।
- सभी वद्यिालय वश्विवद्यिालय एवं सभी शक्षिा प्रतष्ठिानों में बांग्ला पुस्तक एवं बांग्ला शक्षिक का व्यवस्था करना होगा ।
- सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्य बांग्ला में करना होगा ।
- बस स्टैंड रल स्टेशन मैं बांग्ला में घोषणा करना होगा एवं साइनबोर्ड बांग्ला में लिखना होगा ।
- बांग्ला की संस्कृति को बचाने के लिए भूमिपुत्रों को लेकर समिति गठन करना होगा ।
- सभी स्थानीय सौ प्रतिशत लोगों को नौकरी देना होगा ।
- कृषि को उद्योग का दर्जा देना होगा ।

