जमशेदपुर -अपने दम पर बनाई पहचान , पति के मौत के बाद लोगो को जागरूक करना ही लक्ष्य

 

गाँव मे कराया पूर्ण रुपेन शराब बंदी

सतोष अग्रवाल  ,जमशेदपुर ,08 मार्च

पोटका प्रखण्ड की भाटिन पंचायत की डूंगरीडीह निवाशी सागेन महिला मण्डल की अध्यक्ष लीलमुनी सोरेन को आज यहाँ का बच्चा – बच्चा जानता है और लीलमुनी ने वर्षो से शराब से पीढ़ित डूंगरीडीह गाँव को शराब मुक्त कराया और अपने पति के मौत के बाद अपने दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई और सेकड़ों महिला पुरुषो को अपने इस जागरूकता अभियान से जोड़ा ।

करीब आठ वर्ष पहले लीलमुनी के पति यूसिल कर्मी सुखदेव सोरेन की मौत शराब पीने की वजह से हो गयी एवं इसके बाद गाँव मे करीब दर्जन भर लोगो को शराब के आगोश मे समा कर मौत के मुंह मे जाते देखा एवं कई परिवारों को टूटते देखा लील मुनि ने पति के मौत के बाद अपने चार बेटियों को संभालते हुए यह ठान लिया की इस गाँव को शराब मुक्त बनाना है ताकि गाँव मे सभी खुशी खुशी रह सके , लीलमुनी के इस कार्य मे सुरूआत मे उन्हे ग्रामीणो का साथ नहीं मिला लेकिन उसने लड़ाई जारी रखा और सागेन महिला मण्डल की स्थापना की और लगातार ग्राम सभा और बैठक कर लोगो को शराब के दुशप्रभाव के बारे मे बताया इस कार्य मे लीलमुनी को कई लोगो का भारी विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और 2014 सितंबर मे उस समय लीलमुनी का प्रयास रंग लाया जब ग्रामीणो ने सेकड़ों की संख्या मे बैठक कर गाँव मे पूर्ण रूप से शराब मे बंदी लगा दिया एवं शराब बेचने एवं पीने वाले पर 5 हज़ार रुपैया का जुर्माना लगा दिया लीलमुनी के इस प्रयास के बाद अब गाँव शराब मुक्त हो चुका है और इस गाँव मे शराबियों के लिए कोई जगह नहीं है ।

लीलमुनी के सहयोगी समाजसेवी सह अधिवक्ता बलराम टूडू ने बताया की लीलमुनी के साहस के कारण आज जो गाँव शराबियों के लिए जाना जाता था आज वह गाँव शराब मुक्त गाँव बन पाया है एवं बलराम टूडू ने आगे बताया की गाँव के बड़ा गीदरा ( 26 ) , सुखदेव सोरेन ( 28 ) , अगनू मुरमु ( 22) , मानसिंह सोरेन ( 26 ) , गुजन सोरेन ( 32 0 , गिरोध सरदार ( 38 ) , रवि दे ( 40 ) , सुखलाल भूमिज , संजित खंडाइट एवं गांधी का पूरा परिवार शराब के कारण मौत के मुंह मे समा चुके है , एवं उन्होने बताया की कई लोग अपनी अच्छी खासिउ नौकरी भी शराब के लत के कारण छोड़ चुके है लेकिन अब लीलमुनी सोरेन के कारन ग्रामीण अच्छी जिंदगी की राह पकड़ चुके है ।

 

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More