
जमशेदपुर।

- जिद्द करना कोई बुरी बात नहीं बशर्ते उसके पीछे कोई मकसद हो। शहर के बिरसानगर में रहने वाले 24 वर्षीय ‘गौरव पंडित’ ने जो मकसद तय किया उसे हासिल करके ही दम लिया। बहुत सी मुश्किलें आईं पर चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने तक अपना संघर्ष जारी रखा। पिता निरंजन कुमार पंडित टेल्को स्थित आज़ाद मार्केट में बांस-बल्ली के सहारे तिरपाल के नीचे चाय की दुकान चलाकर गुज़र बसर विगत चौदह वर्षों से कर परिवार चला रहे हैं। बिमारी के कारण पिता की साल 2015 में आँखों की रौशनी कम गयी। इससे पिता के अलावे माँ और बेटे भी चाय दूकान पर हाथ बँटाते हैं। गौरव का परिवार आर्थिक रूप से इतना संपन्न नहीं था किंतु गरीबी का दंश झेल रहे पिता ने इच्छा रखी की बेटे पढ़-लिखकर बड़े अधिकारी बनें। बेटे भी पिता के ख़्वाब हक़ीक़त में बदलने को ईमानदार प्रयास करने लगें। गौरव के अलावे उनका बड़ा भाई गोविंदा पंडित भी सीए की तैयारियाँ कर रहे हैं साथ हीं परिवार की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने की दिशा में फाइनेंस एवं टैक्स कंसलटेंट का कार्य भी पार्ट-टाइम में करते है। दो भाइयों के अलावे उनकी बड़ी बहन ज्योति बर्णवाल और प्रीति पंडित भी हैं जो विवाहित हैं।
परिवार में सबसे छोटे 24 वर्षीय गौरव पंडित इस बात का शुक्र मनाते हैं कि घरवालों ने उन्हें पढ़ाई के लिए हमेशा उत्साहित किया और यथासंभव अच्छी सुविधाएं देने का प्रयास किया। गौरव पंडित के चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने से उनके मुहल्ले में खुशी का माहौल है जबकि बेटे की सफ़लता के बारे सुनकर लोग पिता को चाय दूकान पर भी बधाईयाँ दे रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी दोस्तों और स्कूल टीचर्स के बधाई संदेश और आशीर्वाद लगातार मिल रहे हैं। पुत्र की सफ़लता से हर्षित पिता ने बुधवार को चाय दूकान पर ग्राहकों को निःशुल्क चाय पिलाकर खुशियाँ बाँटी। गौरव के सीए बनने से आज़ाद मार्केट के दुकानदार भी काफी खुश हैं। कहा कि कभी हमें चाय पिलाने वाला लड़का मेहनत से आज तरक्की की छलांग लगाया।
● इच्छा शक्ति दृढ़ हो तो अभावों में भी सफ़लता मुमकिन : दिनेश
गौरव पंडित के इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी द्वारा गौरव समेत पूरे परिवार का अभिनंदन टेल्को आज़ाद मार्केट अवस्थित चाय दुकान पर बुधवार को किया गया। अभिनंदन कार्यक्रम की अगुआई कर रहे भाजपा ज़िलाध्यक्ष ने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। कहा कि गौरव ने शहर का मान बढ़ाने के संग ही आर्थिक समस्याओं के बीच संघर्ष कर रहे तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बूते हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। चाय बेचकर बेटे को पढ़ाने वाले पिता निरंजन पंडित एवं माँ मंजू पंडित का भी अभिनंदन किया गया। मौके पर भाजपा ज़िलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि गरीबी के बावजूद रेहड़ी पर चाय बेचकर बेटों को पढ़ाना अपने आप में एक अनुकरणीय उदाहरण है। इच्छा प्रबल हो तो अभावों में भी सफलता मुमकिन है। भाजपा द्वारा शॉल,पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिंन्ह भेंट करने के अलावे इस अद्वितीय सफ़लता के लिए मुँह मीठा कराकर बधाई दी गयी। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष दिनेश कुमार, महिला मोर्चाध्यक्ष नीरू सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, अनिल मोदी,विमलकांत झा,राकेश सिंह,अनिल श्रीवास्तव, जिला मीडिया प्रवक्ता अंकित आनंद,दीपक पारीक,अमरजीत सिंह राजा,परेश मुखी,पप्पू मिश्रा,कमलेश सिंह,हेमंत साहू,विनोद तिवारी,विनोद प्रसाद, अरुण सिंह,करण सिंह,कृष्णा बारी,रंजीत पांडेय,सोनू खान,विकास शर्मा समेत अन्य मौजूद रहें।
● शिक्षा का सफ़र :
केजी से बारहवीं तक की पढ़ाई टेल्को के लिटिल फ्लॉवर स्कूल से पूरी की। बारहवीं में वर्ष 2011 के इंटरमीडिएट की परीक्षा में 92% के संग स्कूल टॉपर रहें। इसके पश्चात वर्ष 2014 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के गोयनका कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2011 के दिसंबर महीने में सीपीटी निकाली और नवंबर 2012 में आईपीसीसी निकाली जिसके बाद वे आज सीए की फाइनल परिणाम में सफ़ल हुए। वे सीएस की भी पढ़ाई कर रहे हैं।
पढ़ाई के अलावे गौरव पंडित चेस के खेल में भी शुरूआती समय से ही अपनी शानी मनवा चुके हैं। वे वर्ष 2000 में टाटा चेस सेंटर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में दुसरे स्थान पर रहें तथा उसी वर्ष राष्ट्रीय स्तर के चेस प्रतियोगिता में अंडर-7 वर्ग में 39वें स्थान पर रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण शतरंज में आगे रूचि न दिखा सकें।
● गरीबी के अभिशाप को आशीर्वाद में बदला : अंकित आनंद ( मित्र )
गौरव पंडित के स्कूली समय के मित्र रहे ज़िले में भाजपा के प्रवक्ता अंकित आनंद ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गौरव ने दृढ़ इच्छाशक्ति से परिवार के गरीबी के अभिशाप को भी आशीर्वाद में बदल दिया। कहा कि स्कूली दिनों से मेधावी रहे गौरव अपने दोस्तों और पहचान वालों के बीच सदा हीं गर्व के विषय रहे हैं।
● नो का मतलब ‘ नेक्स्ट ऑपरचुनिटी ‘ : गौरव
मैंने बार-बार असफलता के बावजूद हौसला नहीं छोड़ा एवं अंत में मुझे अपनी मंजिल मिल ही गई। आर्थिक समस्याओं के कारण परिस्थिति ने अड़चने अनेक उतपन्न की पर पिता के लग्न और निष्ठा से प्रेरणा ले प्रयास करता चला गया। मेरी नौजवान पीढ़ी को प्रेरणा है कि अगर किसी को कहीं असफलता हाथ लगती है तो उसे ‘नो’ नहीं बल्कि नेक्स्ट ऑपरचुनिटी (अगला मौका) के रूप में लिया जाना चाहिए। असफ़लता से हारो मत, बल्कि ढीठ हो जाओ और मज़बूत तैयारी से फ़िर भिड़ जाओ मंजिल हासिल करने को। एक आम आदमी गरीबी और लाचारी को देख कर विचलित हो उठता है, लेकिन गौरव पंडित के शब्दों में उनकी गरीबी और परिस्थितियां ही उनकी ताकत बनीं। गौरव का कहना है, ‘मैं अपनी परिस्थितियों से जन्मा हूं और मुझे मेरी मेहनत ने और भी निखार दिया है। अब मेरे चरित्र की असली परीक्षा उस समय होगी, जब मैं एक सीए ऑफिसर के रूप में सामने आऊंगा। कहा कि अभावों में भी रह कर आदमी सफल हो सकता है, अगर उसके मनोबल दृढ़ हों।
● भाजपा, जमशेदपुर एसएसपी का जताया आभार
सीए बनें गौरव पंडित ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और भाई को समर्पित करने के साथ हीं अपने शिक्षकों में विशेषकर एलएफएस की पूर्व प्राचार्य सिस्टर हेलेना, मिसेस सैमुएल, अकाउंट टीचर पीके शॉ,समीर होर,अनिन्दर कौर, स्पोर्ट्स टीचर सर मनरो के अलावे चिन्मया विद्यालय के गणित शिक्षक विजय शर्मा ,इकोनॉमिक्स शिक्षिका दीप्ती कुमारी को भी विशेष सम्मान दिया। वहीं उन्होंने भाजपा नेता दिनेश कुमार,अंकित आनंद तथा जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप टी. मैथ्यूज़ के प्रति भी विशेष रूप से आभार और कृतज्ञता व्यक्त किया। कहा कि यदि वे न होते, तो आज यह लक्ष्य मुमकिन न था। बताया कि बीते वर्षों में कई प्रभावशाली लोगों और स्थानीय दूकानदार ने कई बात उनके कच्चे दूकान को तोड़ा और परेशान किया। किंतु भाजपा नेताओं और एसएसपी सर के बहुमूल्य सहयोग से परिवार के आमदनी का एकमात्र स्रोत यह चाय दूकान सुरक्षित रह पाया।
● गौरव पंडित : एक परिचय
नाम : सीए गौरव पंडित
पिता : निरंजन कुमार पंडित
माँ : मंजू पंडित
बड़ा भाई : गोविंदा पंडित
बड़ी बहन : ज्योति बर्णवाल ( विवाहित ), प्रीति पंडित (एलएलबी)
● देश के प्रधानमंत्री और सीए गौरव के जीवन में काफ़ी समानता रही है। दोनों ने ही तंगी हालातों का सामना किया और अपने क्षेत्रों में सफ़ल हुए। दोनों के जन्मदिन भी 17 सितम्बर को है तथा दोनों ने ही रेहड़ी पर चाय बेचने में कभी शर्म महसूस न किया। उन्होंने अपने गरीबी को आशीर्वाद में तब्दील किया है।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स के विषय पर अच्छी पकड़ रखने वाले गौरव पंडित ने जून एवं नवंबर 2016 में क्रमशः ” रिवाइज्ड मॉडल जीएसटी लॉ ” तथा ” जीएसटी मॉडल लॉ-2016 एंड बिज़नस प्रोसेसेस” नामक पुस्तकों में भी विशेष योगदान दिया

