
चाईबासा।


राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने खनन विभाग को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिला के 18 खनन कंपनियों ने 2700 करोड़ का नहीं बल्कि 6300 करोड़ की हेरा-फेरी की है. लेकिन वर्तमान जिला खनन पदाधिकारी ने 6300 करोड़ की राशि को घटा कर 2700 करोड़ बताया है. इससे सरकार के खजाने को भारी नुकसान होगा.
चाईबासा के परिसदन में मंत्री सरयू राय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री रघुवर दास से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं. मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 31 दिसंबर तक पेनाल्टी जमा नहीं करने वाले खदान में 1 जनवरी से उत्खनन व डिस्पैच बंद हो जाना चाहिए था. लेकिन खनन विभाग की मिलीभगत से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत पश्चिम सिंहभूम जिला के उन खदानों में उत्खनन और डिस्पैच जारी है.
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उपक्रम सेल के सारंडा के चारो आयरन ओर खदान सहित पेनाल्टी जमा नहीं करने वाले खदानों में उत्खनन और डिस्पैच धड़ल्ले से जारी है. यह सरासर गलत है. इस पर सचिवालय में बैठे अधिकारियों और जिले के डीसी व डीएमओ को को गौर करने की जरूरत है.
मंत्री ने कहा कि राज्य में खनन विभाग के पास सरकार का 40 हजार करोड़ का बकाया है. लेकिन खनन विभाग लीपापोती कर कम राजस्व भरने की जुगत लगा रहा है. अगर खनन विभाग के बड़े अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं तो आने वाले समय में उनका वही हाल होगा जो घोटाला करनेवालों का हुआ है.

