चाईबासा -ओवरलोड घोटाले पर सीकेपी रेल मंडल सख्त, शामिल रेल कर्मी होंगे बर्खास्त

जय कुमार

चाईबासा।

भारतीय रेल में चार हजार करोड़ रुपये की ओवरलोडिंग घोटाले की जाँच कर रही सीबीआई बहुत जल्द सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज करने वाली है. लेकिन सीबीआई के छापामारी से ही रेलवे में हडकंप मचा हुआ है. रेलवे में हुई छापामारी के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल ने साफ किया की जिम्मेदार रेलकर्मी बक्शे नहीं जायेंगे. यात्रियों को मंजिल तक पहुँचाने का सबसे सस्ता और भरोसेमंद सरकारी ट्रांसपोर्टर है रेलवे. लेकिन आज रेलवे की पटरियों को ही घोटालेबाजों ने रुपयों की लालच में खोखला कर दिया है और देश के राजस्व पर डाका डाला है. सीबीआई ने बीते दिनों देश के अलग अलग हिस्से में रेलवे की 65 वे ब्रिज पर छापा मारा. इस छापामारी के बाद वे ब्रिज से छेड़छाड कर रेलवे से चार हजार करोड़ रुपये का ओवरलोडिंग घोटाला सामने आया. इस घोटाले से ये साफ हो गया की देश को राजस्व की हानि तो हुई ही है साथ में हमारी रेल पटरियां अब सुरक्षित नहीं

चक्रधरपुर रेल मंडल के वे ब्रिज में छापामारी के बाद सीबीआई तीन महीने के रिकोर्ड कागजात और हार्ड डिस्क जब्त कर अपने साथ ले गयी है. रिकोर्ड की जांच के बाद घोटाले से जुड़ी कई सच्चाई सामने आएगी. लेकिन इससे एक महीने पहले रेल प्रशासन ने अपने स्तर से औचक जाँच के दौरान मार्च महीने में ही तीन कंपनी… सेल बोकारो, जयसवाल निको और रश्मि सीमेंट को ओवरलोड करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था जिनसे रेलवे ने जुर्माने के तौर पर कुल एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये की वसूली की थी. चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारीयों की मानें तो रेल कर्मचारी इस घोटाले में शामिल नहीं हो सकते. उन्हें उनके कर्मचारियों पर पूरा भरोसा है. लेकिन इसके बावजूद रेल प्रशासन इस घोटाले को लेकर कड़क रवैया अपनाये हुए है. अगर कोई रेलकर्मी इस घोटाले में संलिप्त पाया जाता है तो उसे तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया जायेगा. ये पहली बार नहीं है जब माल ढुलाई घोटाले को लेकर चक्रधरपुर रेल मंडल में सीबीआई की रेड पड़ी है इससे पहले भी रश्मि मेटालिक कंपनी के घोटाले के कारण सीबीआई छापा से चक्रधरपुर मंडल सुर्ख़ियों में था.

ओवरलोडिंग घोटाले से जुड़े रेलकर्मी होंगे बर्खास्त : एके अग्रवाला

चक्रधरपुर रेल मंडल के जनसंपर्क पदाधिकारी एके अग्रवाला ने कहा कि”सीबीआई और रेलवे विजिलेंस की टीम ने हमारे रेल मंडल के जिरुली और देवझर के वे ब्रिज पर संयुक्त छापेमारी की है. सीबीआई लोडिंग से जुड़े दस्तावेज और कंप्यूटर हार्ड डिस्क को जब्त कर ले गयी है. अगर हमारे रेलकर्मी ओवरलोडिंग घोटाले में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया जायेगा. संवेदनशील रेल प्रशासन होने के नाते हम भी बीच बीच में ओवरलोडिंग की औचक जांच करते हैं. बीते महीने ओवरलोडिंग करते हुए तीन कंपनियों को पकड़ा गया था. जिनसे रेल मंडल ने जुर्माने के तौर पर एक करोड़ पच्चीस लाख वसूले थे.”

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