चतरा।
भाकपा माओवादी का सबजोनल कमांडर नरेंद्र यादव उर्फ नारों यादव ने आज चतरा पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया । चतरा जिला में यह चौथा मौका था जब भाकपा माओवादी के किसी बड़े नेता ने पुलिस के सामने आत्म समर्पण किया है ।नारों चतरा जिले के घोर नक्सल प्रभावित हंटरगंज , प्रतापपुर , कुंदा व लावालौंग के अलावे बिहार के गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी , शेरघाटी , इमामगंज व औरंगाबाद जिले में भाकपा माओवादी उग्रवादियों के लिए बतौर सबजोनल कमांडर के पद पर कार्य कर रहा था । नारों के विरुद्ध झारखण्ड – बिहार राज्य के कई जिलों में दो दर्जन से भी अधिक दुर्दांत नक्सली मामले दर्ज हैं और पुलिस को इसकी लम्बे समय से तलाश थी । नारों ने चतरा पुलिस लाइन में आयोजित नई दिशा कार्यक्रम के दौरान आईजी तदाशा मिश्रा , डीआईजी उपेन्द्र कुमार , डीसी अमित कुमार व एसपी सुरेन्द्र कुमार झा के समक्ष रायफल , गोली व नक्सली पाउच के साथ आत्मसमर्पण किया | नारों माओवादी के केन्द्रीय कमिटी का सदस्य संदीप का बाडीगार्ड रह चूका है |
पुलिस लाइन परिसर में आईजी बोकारो प्रक्षेत्र , डीआईजी हजारीबाग उपेन्द्र कुमार , उपायुक्त चतरा अमित कुमार , एसपी सुरेन्द्र कुमार झा व सीआरपीएफ अधिकारियों के हांथों में हथियार सौंप रहा एमसीसी का यह सबजोनल
वर्ष 2007 में प्रतापपुर थाना अंतर्गत सतबहिनी स्कूल को बम ब्लास्ट कर उड़ाने , कुंदा थाना के जावादोहर में पुलिस – माओवादी मुठभेड़ में शामिल रहने , लुटुआ जंगल में पुलिस – माओवादी मुठभेड़ पुलिस जवान की हत्या कर हथियार लूटने , वर्ष 2011 में लावालौंग थाना अंतर्गत लुटूसोन में माओवादी – पुलिस मुठभेड़ में शामिल , टीपीसी सुप्रीमों ब्रजेश गंझू का घर ब्लास्ट कर उड़ाने , बनवार में माओवादी – टीपीसी मुठभेड़ में शामिल होने , वर्ष 2013 में बिहार राज्य के गया जिले के डुमरिया में सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के साथ भीषण मुठभेड़ व 2013 में ही कुंदा थाना अंतर्गत लकरमंदा में टीपीसी के साथ मुठभेड़ में भाकपा माओवादी के साथ मुठभेड़ में शामिल होने समेत बिहार – झारखण्ड के अन्य थानों में नक्सली मामले दर्ज हैं |
