
कोडरमा।26 फऱवरी


राज्य की रघुवर सरकार कई मामलों में आम जनता के हितों की अनदेखी करते हुए जनहित एवं जनभावनाओं के खिलाफ काम कर रही है। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन व होल्डिंग टैक्स में वृद्धि जिस प्रकार की गई है, वह जनहित में नहीं है वहीं इसकी वसूली के लिए जिस तरह से दबाव बनाया जा रहा है, वह भी हास्यास्पद है। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने शनिवार को झुमरीतिलैया में पत्रकारों से बात करते हुए उक्त बातें कही। वे यहां माहुरी भवन में आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। राज्य सरकार द्वारा शराब बेचे जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिस राज्य के लोगों को दवा की जरूरत है, वहां सरकार दारू बेचने पर आमदा है। राज्य के मुद्दों को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेताओं से वार्ता की जाएगी। अभी सभी केंद्रीय नेता चुनाव में व्यस्त हैं। चुनाव के बाद लोगों से इस संबंध में बात की जाएगी। वहीं राज्य में इंवेस्टर्स समिट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य के आंतरिक संसाधनों से रोजगार सृजन करने की जरूरत है। कोडरमा जैसी जगह पर माइका उद्योग की हालत काफी खराब है। सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है। वे जिला सम्मेलन में निर्धारित समय से छह घंटे विलंब से पहुंचे थे। सम्मेलन में पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवनारायण भगत, केंद्रीय महासचिव संतोष सहाय, जिप उपाध्यक्ष निर्मला देवी, उपप्रमुख वृजनंदन यादव, जेजे कॉलेज की छात्र संघ की अध्यक्ष नाजिया नाज, महिला संघ की जिलाध्यक्ष सुनीता कुमारी, रजनी बाला, छात्र संघ के जिलाध्यक्ष श्रीकांत यादव, केंद्रीय समिति सदस्य अजीत वर्णवाल, बालगोविंद मोदी, संगठन सचिव नरेश ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित थे। इधर सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि शराबबंदी की आवाज राज्य के हर कोने से उठ रही है। हमारे घर की बहू बेटियां झाडू-डंडा उठाकर गांव की गलियों एवं सड़क पर शराब के खिलाफ नारा लगा रही है। घर-परिवार की तबाही रोकने के लिए शराबबंदी जरूरी है। गुजरात में शराबबंदी लागू है। वहीं बिहार भी इस रास्ते पर चला है। ऐसे में झारखंड सरकार को भी इसके प्रति सोचने की जरूरत है कि आधी आबादी इसके खिलाफ सड़कों पर नारा लगा रही है और उनकी अनदेखी की जा रही है।

