ऑस्ट्रेलिया भारत को हराकर वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा

भारतीय क्रिकेट टीम चार साल पहले वानखेड़े स्टेडियम में जीता गया आईसीसी विश्व कप खिताब बचाने में नाकाम रही। ऑस्ट्रेलिया ने उसे गुरुवार को सिडनी क्रिकेट मैदान पर हुए सेमीफाइनल में 95 रनों से हराया। 29 मार्च को मेलबर्न में होने वाले फाइनल में उसका सामना न्यू जीलैंड से होगा।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्टीवन स्मिथ (105) और फिंच (81) की शानदार पारियों की मदद से 50 ओवरों में छह विकेट पर 328 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम मेजबान टीम के लिए कोई खतरा पैदा नहीं कर सकी और बड़ी व्यक्तिगत पारियों व बड़ी साझेदारियों के अभाव में 46.5 ओवर में 233 रन ही बना सकी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सबसे अधिक 65 रन बनाए। स्टीवन स्मिथ को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब कंगारू मेलबर्न का रुख करेंगे जहां वे पहली बार फाइनल में पहुंचे न्यू जीलैंड का सामना करेंगे। कीवी टीम ने ऑकलैंड में 24 मार्च को खेले गए रोमांच से भरपूर सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को हराया था।

शिखर धवन (45) और रोहित शर्मा (34) ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। रोहित और धवन ने शुरुआती मुश्किलों को पार करते हुए अच्छे शॉट्स लगाए और स्कोर को 76 रनों तक पहुंचा दिया। धवन खासकर अच्छा खेल रहे थे लेकिन 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर वह जोश हाजेलवुड को अनावश्यक तौर पर सीमा रेखा के बाहर पहुंचाने के प्रयास में मैक्सवेल के हाथों लपके गए। धवन ने 41 गेंदों पर एक छक्का और छह चौके लगाए। इसके बाद विकेट गिरने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अंत तक जारी रहा।

धोनी और अजिंक्य रहाणे (44) ने पांचवें विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी की, जो भारतीय बल्लेबाजों का विकेट पर दूसरा सबसे बड़ां ठहराव साबित हुआ। विराट कोहली (1), सुरेश रैना (7) ने निराश किया जबकि रवींद्र जडेजा (16) ऑस्ट्रेलियाई फील्डरों की चपलता का शिकार हुए। कप्तान धोनी भी रन आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जेम्स फॉल्कनर और मिशल स्टार्क ने तीन-तीन विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया लगातार छठी बार सेमीफाइनल में अजेय रहा है। दूसरी ओर, भारत लगातार दूसरी बार फाइनल में स्थान नहीं बना सका।

इस हार के साथ धोनी के नेतृत्व में 11 मैचों से चला आ रहा जीत का क्रम भी टूट गया। इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 328 रन बनाए। स्मिथ ने 93 गेंदों पर 11 चौके और दो छक्के लगाए। स्मिथ के अलावा उनके साथ दूसरे विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी करने वाले फिंच ने 116 गेंदों पर सात चौके और छक्का लगाया। फिंच और स्मिथ के अलावा मध्यक्रम और पुछल्ले बल्लेबाजों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने वह स्कोर हासिल किया जिस पर सवार होकर वह फाइनल में पहुंच सकता है क्योंकि विश्व कप इतिहास में अब तक कोई भी टीम नॉकआउट दौर में 300 से अधिक रनों का लक्ष्य नहीं हासिल कर सकी है। स्मिथ और फिंच के अलावा मैक्सवेल ने तेजी से 23, शेन वॉटसन ने 28 और जेम्स फॉल्कनर ने 21 रन बनाए। मिशेल जॉनसन 27 रनों पर नाबाद लौटे। मैक्सवेल ने 14 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। वॉटसन ने 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्का जड़ा जबकि फॉल्कनर ने 12 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। कप्तान माइकल क्लार्क 10 रन ही बना सके। इसी तरह सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने 12 रन जोड़े।

ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम पांच ओवरों में दो विकेट गंवाकर 57 रन बनाए। इसमें अधिकांश योगदान मिशेल जॉनसन का रहा जो 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। जॉनसन ने मोहित शर्मा द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में 15 रन जुटाए। जॉनसन ने 9 गेदों का सामना कर चार चौके और एक छक्का लगाया। हेडिन सात रनों पर नाबाद लौटे। इन दोनों ने आठवें विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी की।

भारत की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक चार विकेट लिए। मोहित शर्मा को भी दो विकेट मिले। एक विकेट रविचंद्रन अश्विन को भी मिला। उमेश विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में दो बार चार विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उमेश ने सिडनी क्रिकेट मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 72 रन देकर चार विकेट लिए। इससे पहले उमेश ने 19 मार्च को मेलबर्न में बांग्लादेश के साथ हुए क्वॉर्टर फाइनल मैच में 31 रन देकर चार विकेट लिए थे। उमेश ने आईसीसी विश्व कप-2015 में अब तक भारत की ओर से सबसे अधिक 18 विकेट हासिल किए हैं। वह अपने एकदिवसीय करियर के 48 मैचों में अब तक 67 विकेट ले चुके हैं। 27 साल के उमेश ने अब तक तीन मौकों पर पारी में चार विकेट लिए हैं। इनमें से दो मौकों विश्व कप के दौरान ही आए हैं।


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