अवमानना मामले में फंस सकते हैं झारखंड के मुख्य सचिव ————-

रांची : विधानसभाध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने दिसंबर में हुए शीत सत्र
में विधायकों द्वारा उठाए गए कुछ सवालों का जवाब अभी तक अप्राप्त रहने को
गंभीरता से लिया है। इस संदर्भ में मंगलवार को उन्होंने मुख्य सचिव को
पत्र लिखकर और फोन पर बात कर भी अपना कड़ा एतराज जताया है। सदन में
विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब न दिए जाने को स्पीकर ने सदन की
अवमानना करार दिया है। मुख्य सचिव से उन्होंने कहा कि जब आसन से कहा गया
था कि ऐसे सवालों का जवाब 15 दिनों में सभा सचिवालय को उपलब्ध करा दिया
जाएगा तो दो महीने में भी यह संभव क्यों नहीं हो सका? संबंधित अधिकारी
यदि अपना रवैया नहीं बदलते हैं तो उन पर सदन की अवमानना की कार्रवाई चलाई
जाएगी। 1शीत सत्र में विधायकों द्वारा उठाए गए 51 सवालों के जवाब सभा
सचिवालय को प्राप्त नहीं हो सके थे। इस पर सरकार की ओर से आश्वासन दिया
गया था कि सत्रवसान के 15 दिनों के अंदर जवाब सभा सचिवालय को सौंप दिए
जाएंगे। अधिकारियों के मौन साध लेने पर स्पीकर ने हिदायत दी तो हाल में
महज 17 सवालों के जवाब उपलब्ध कराए गए। अबतक सदन में दिए गए तकरीबन 2,300
आश्वासन लंबित हैं।

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