
( डैम का जल स्तर 178.55मी, नहर में पीनी छोड़ने से बह गई मच्छली)
सुदेश कुमार
सरायकेला(चांडिल )
लगातार बारिस होने से चाण्डिल डैम का जल स्तर बढ़ने से विगत रात को आचानक नहर में पानी छोड़ने से नहर में पेन कल्चर बिधी से मत्स्य पालन की जाल को पानी के वहाव से लाखों रूपये की मछली बह गई । मत्स्य पालन समिति के सचिव बुधु मुमू ने वताया की सात माह पूर्व जिला मत्स्य विभाग सरायकेला द्वारा चाण्डिल डैम के मुख्य नहर के 1.5 किलो मिटर पर 54 व्यक्तियों द्वारा स्वरोजगार के तहत् रेहू – कतला के लगभग 1 लाख मच्छली सरकारी अनुदान 90 प्रतिशत पर नहर में छोड़ा गया था । सात माह में मछली के ग्रोथ को देखते हुये समिति अपने लागत से 50 हजार के 150 पेकेट ( लगभग 75 हजार) मछली जीरा छोड़ा था । जो विती रात के नहर में अचानक छोड़ने से जगह जगह जाल को तोड़ते हुये सारी मछली व जीरा बहा ले गया । समिति द्वारा सात माह तक रात दिन मछली का देख रेख कर रही थी । रोजगार के आशा में सरकारी अनुदान के साथ पुजी भी डुब गया । समिति के सदस्य हदास में है जिला मत्स्य पदाधिकारी से मुआवजे की मांग कर रही है ।

