
_*रेल पटरी के किनारे बिछाये थे तबाही के सामान*_
बोकारो।


बोकारो के गोमिया में मंगलवार को नक्सलियों ने बम विस्फोट कर पुलिस बल के जवानों को भारी क्षति पहुंचाने और हथियार लूट की योजना बना रखी थी। बोकारो के एसपी (अभियान) संजय कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जवानों की सतर्कता के कारण नक्सलियों की नापाक योजना विफल हो गयी और मुठभेड़ में नक्सली पीछे हटने पर विवश किये गए। उल्लेखनीय है कि धनबाद रेल मंडल के गोमो-बरकाकाना रेलखंड के डुमरी विहार रेलवे स्टेशन से लगभग तीन किलोमीटर दूर काशीटांड के निकट रेल पोल संख्या- 58/8/9/10 के पास नक्सलियों द्वारा सीरियल केन आईईडी बम को विस्फोट कर सीआरपीएफ जवानों को नुकसान पहुंचाने की योजना थी। मंगलवार को सीआरपीएफ 26वीं बटालियन कोनार डैम के सहायक समादेष्टा संजय चौधरी के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाये जाने से पहले बीती रात्रि सोमवार को नक्सलियों ने उक्त पोल संख्या के समीप रेल ट्रैक को दोनों ओर सीरियल केन आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बम गिट्टी हटाकर बिछाकर उसे पुनः ढंक दिया। उक्त सभी बमों को एक कोडेक्स वायर के द्वारा जोड़कर 200 मीटर की दूरी में ले जाया गया था। नक्सलियों को यह अंदेशा था कि सीआरपीएफ के जवान सुबह 7.30 बजे सर्च अभियान के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे चलेंगे और जैसे ही उक्त रेलवे पोल संख्या के करीब पहुंचेंगे तो लगाए गए सभी बमो को एक साथ विस्फोट कर जवानों को भारी क्षति पहुंचाकर उनके हथियार लूट लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही सीआरपीएफ के जवान पोल संख्या 58/8/9/10 से कुछ दूर ही थे कि एक साथ जोरदार सभी बमों का विस्फोट हुआ और विस्फोट के कुछ मिनटों के बाद नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। स्थिति को भांपते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और अपनी कार्रवाई में दो नक्सलियों को घायल कर दिया। पुलिसिया दबिश के कारण अपनी जमीन खिसकती देख नक्सली वहां से उल्टे पांव भाग निकले। उग्रवादियों ने रेलवे ट्रैक के अगल-बगल भी प्रेशर बम लगाया था, लेकिन जवानों ने सतर्कतापूर्वक उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर बोकारो एसपी (अभियान) संजय कुमार, बेरमो के एसडीपीओ राजकुमार मेहता, सीआरपीएफ के सहायक समादेष्टा संजय चौधरी ने भी दूर-दूर तक जवानों के साथ नक्सलियों की खोज में जंगलों को खंगाला, लेकिन नक्सली बचते हुए अपने सुरक्षित ठिकानों में चले गए।

