
देवघर।09जुलाई

मुख्यमंत्री रघुवर दास का श्रावणी मेला, 2017 के उद्घाटन के क्रम में देवघर आगमन हुआ। आगमन के पश्चात सर्वप्रथम इनके द्वारा अपने सहयोगी मंत्रियों श्री सी0पी0 सिंह, श्री राजपलिवार, श्री रणधीर सिंह के साथ द्वादश ज्योर्तिलिंग बाबा बैद्यनाथ का पूजा अर्चना की गयी तथा राज्य के लिए सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गयी।
इसके पष्चात मुख्यमंत्री झारखण्ड के सीमान्त पर अवस्थित दुम्मा पहुंचे; जहां श्रावणी मेला का विधि-विधान पूर्वक शुभारंभ कराने हेतु 11 वैदिक पंडितों द्वारा मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों से बाबा बैद्यनाथ की पंचोपचार पूजा के साथ इस विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का शुभारंभ कराया गया। इसके पष्चात सभी मंत्रियों द्वारा गुब्बारें को आकाश में छोड़कर श्रावणी मेला के शुभारंभ की प्रतिकात्मक घोषणा की गई।
पूजा समाप्ति के पश्चात मुख्यमंत्री के द्वारा देवघर नगर निगम के तीन, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल के दो, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम की एक, पथ निर्माण विभाग की एक, जिला परिषद की एक तथा ग्रामीण अभियंत्रण संगठन की दो योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। सभी योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 61,24,99,000 है। योजनाओं के उद्घाटन शिलान्यास के पश्चात श्रावणी मेला उद्घाटन कार्यक्रम का मुख्यमंत्री एवं सहयोगी मंत्रियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों को आदिवासी बालाओं द्वारा पुष्प-गुच्छ समर्पित कर अभिनन्दन किया गया तथा स्थानीय गायक द्वारा स्थानीय लोकसंगीत झूमर के रूप में बाबा बैद्यनाथ के प्रति समर्पित भक्तिगीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपायुक्त, देवघर द्वारा मुख्यमंत्री के साथ सभी माननीय अतिथियों का स्वागत करते हुए मेला में कृत प्रषासनिक एवं नागरिक सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का परिचय दिया गया। तत्पश्चात प्रधान सचिव, नगर विकास विभाग द्वारा अपने संक्षिप्त भाषण में देवघर नगर निगम से संबंधित तीन योजनाओं यथा- रैन बसेरा, शिवगंगा जलशोधन संयंत्र एवं साॅलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट का विवरण देते हुए देवघर, उपायुक्त के रूप में अपने कार्यकाल का संस्मरण प्रस्तुत किया गया।
अंत मे मुख्यमंत्री द्वारा अपने संबोधन में सर्वप्रथम सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया कि यदि उन्हें कोई कठिनाई हो तो फेसबुक के माध्यम से वे उन्हें सूचित करें; जिसका निराकरण 12 दिनों के अन्दर जिला प्रशासन सुनिश्चित करेगा। अपने भाषण में इनके द्वारा बतलाया गया कि आज गुरू पूर्णिमा है; जिसमें गुरू की पूजा की जाती है और गुरू ब्रहमा, विष्णु तथा महेश हैं। हमारे देश में प्रधानमंत्री के रूप में एक युग पुरूष का अवतरण हुआ है; जिनके द्वारा भारत को पुनः विष्वगुरू के रूप में प्रतिस्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा बतलाया गया कि देवघर देश हीं नहीं अपितु विष्वस्तर पर प्रसिद्ध है और सुल्तानगंज से बैद्यनाथधाम तक 105 किमी0 की दूरी में लगने वाला यह मेला विश्व का सबसे लम्बा मेला है। इनके द्वारा बतलाया गया कि इस पवित्र नगरी बैद्यनाथधाम के अगल-बगल में तपोवन, त्रिकूट, नौलखा मंदिर और बासुकीनाथधाम आदि आध्यात्मिक एवं पर्यटन केन्द्र हैं और झारखण्ड सरकार इस क्षेत्र को एक आध्यात्मिक एवं पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्प है। मुख्यमंत्री द्वारा अपने उद्गार में दर्षाया गया कि श्रद्धालु जनता उनके अराध्य है और उनकी सेवा में एक माह तक कठिन परिश्रम करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रति उनके द्वारा आभार व्यक्त किया

