
गुमला ।


नक्सली बंदी में भी युवक युवती सड़कों पर बेखौफ दौड़े. सभी में पुलिस बनने का जज्बा था. नक्सली बंदी के बावजूद दो हजार से ज्यादा युवक युवती गुमला पहुंचे. अवसर था, सहायक पुलिस में बहाली का. सोमवार से गुमला में सहायक पुलिस में बहाली शुरू हो गयी है. पहले दिन गुमला व सिमडेगा के युवत युवतियों की बहाली शुरू कि
इस दौरान दौड़ हुआ. सिमडेगा एसपी राजीव रंजन व गुमला एसपी चंदन कुमार झा ने दौड़ का शुभारंभ किया. जिस प्रकार नक्सली बंदी थी. पुलिस विभाग को लग रहा था कि बहुत कम ही लोग बहाली में भाग लेंगे. लेकिन गुमला के चंदाली पुलिस लाइन में जब अधिकारी पहुंचे तो वहां बहाली में भाग लेने वाले युवक युवतियों की भीड़ देख अचंभित रह गये. सालगिराह में यह कैसे विध्वंस : सिमडेगा एसपीसिमडेगा एसपी राजीव रंजन ने कहा कि भाकपा माओवादी अपना सालगिरह मना रहे हैं. यह खुशी का पल है. लेकिन झारखंड में कई स्थानों पर माओवादियों ने विध्वंसक घटनाओं को अंजाम दिया है. आखिर यह कैसा सालगिरह है. उन्होंने बहाली के संबंध में कहा कि युवक युवतियों की भीड़ यह दर्शाता है कि गुमला व सिमडेगा में माओवादी बंदी फेल है.
* बंदी का कोई असर नहीं है : गुमला एसपी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सहायक पुलिस में बहाली शुरू हो गयी है. इसमें गुमला, सिमडेगा, खूंटी व लोहरदगा के युवक युवती भाग ले रहे हैं. नक्सली बंदी के बावजूद युवा पहुंचे हैं. अगर कुछ लोग नहीं पहुंच पाये हैं तो अंतिम दिन उन युवक युवतियों को बहाली में भाग लेने का अवसर देंगे. 800 युवक युवती का चयन करना है.

