मदर्स डे: एक मुट्ठी बादाम के साथ मांओं के लिये सुनिश्चित करें सेहतमंद जिंदगी

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डेस्क

: सही मायने में मांओं को परिवार का स्तंभ कहा जाता है। हर मां के लिये, चाहे वह कामकाजी हों या फिर गृहिणी, उनके लिये काम का कोई अंत ही नहीं होता। उनकी कोशिशों के सम्मान और मदरहुड का जश्न मनाने के लिये, पूरी दुनिया में 8 मई को मदर्स डे मनाया जाता है। जैसे-जैसे यह दिन करीब आ रहा है, आइये उनकी सेहत और पोषण के विभिन्न पहलुओं पर ध्यालन देते हैं।

स्वस्थ जीवन को बनाए रखने के लिये उचित पोषण और स्वस्थ आदतें आवश्यक हैं। हालांकि, अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण, मांओं को शायद ही कभी खुद की देखभाल करने का समय मिल पाता है। वे जितना अपने परिवार का ख्याल रखती हैं, उतना ही उन्हें अपने भी ध्याखन रखने की आदत डालनी चाहिए। शुरू करने का एक अच्छा तरीका नियमित व्यायाम के लिये समय निकालना और संतुलित आहार शामिल करना है। समझदारी से स्नैक्स चुनने से मांओं को जरूरी पोषण सुनिश्वित करने में काफी आगे तक मदद मिल सकती है। जैसे, फ्रायड स्नै क्सन की जगह मुट्ठीभर बादाम लेने से अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के अलावा प्लांट प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई, मैग्नीशियम, राइबोफ्लेविन और जिंक मिलता है। बादाम का नियमित सेवन मांओं को सेहतमंद जीवनशैली जीने में मदद कर सकता है।

मदर्स डे पर स्तनपान कराने वाली मांओं के लिये जरूरी पोषक के बारे में बताते हुए, रितिका समद्दर, रीजनल हेड- मैक्स हेल्थकेयर- दिल्ली ने कहा, “अच्छा पोषण मांओं के लिये जरूरी होता है, खासकर प्रेग्नेंसी के बाद। यह ब्रेस्ट मिल्क की गुणवत्ता को बेहतर कर सकता है और पोस्टपार्टम के दौरान प्रसव के बाद मददगार हो सकता है। इस दौरान, स्तनपान कराने वाली मांओं को प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ उनके खाने में शामिल करना चाहिए- जैसे अंडे, दूध, सब्जियां और फल। स्वमस्थप नाश्ते के लिये, स्तनपान कराने वाली मांएं मुट्ठीभर बादाम खा सकती हैं, क्योंकि यह संतुष्टि देने वाला, पौष्टिक होता है और इसमें काफी सारे जरूरी पोषक तत्व होते हैं। बादाम विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट्स, डाइटरी फाइबर, राइबोफ्लेविन, फॉस्फोरस, मैग्नीपशियम, कॉपर, प्रोटीन, मैग्नीहज़ और कैल्शियम से भरपूर माने जाते हैं। इसमें सेहतमंद जीवन के लिये आवश्यक फोलेट, आयरन, नियासिन, थाइमिन, जिंक और पोटेशियम भी होता हैं।”

मदर्स डे के मौके पर गर्भकालीन डायबिटीज को केंद्र में रखते हुए, शीला कृष्णास्वमी, न्यूट्रिशन एवं वेलनेस कंसल्टेंट कहती हैं, “गर्भकालीन डायबिटीज मांओं को भविष्य में डायबिटीज के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। एक स्वस्थ आहार और जीवनशैली जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। इस स्तर पर एक उचित आहार में बादाम जैसे नट्स सहित सभी खाद्य समूहों के विभिन्न प्रकार के स्वस्थ खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए। बादाम फाइबर (30 ग्राम सर्विंग) और 15 जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जिनमें (प्रति सर्विंग 30 ग्राम) शामिल हैं: मैग्नीलशियम (81 मिलीग्राम), पोटेशियम (220 मिलीग्राम), और विटामिन ई (7.7 मिलीग्राम), जो उन्हें बिगड़े हुए ग्लूकोज टॉलरेंस या टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिये पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ता बनाते हैं। ”

मदर्स डे के मौके पर पोषक तत्व लेने की अनदेखी करने के बारे में, इंटीग्रेटिव न्यूट्रिनिस्ट एवं हेल्थ कोच नेहा रंगलानी कहती हैं, “मांएं अक्सर परिवार की देखभाल करने में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। जोकि कुछ हल्की-फुलकी और लंबी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिये, उनके आहार में सामान्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना आवश्यक है। बादाम एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसके कई फायदे हैं। शोध बताते हैं कि बादाम का नियमित सेवन हानिकारक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है और स्वस्थ आहार में शामिल होने पर सुरक्षात्मक एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में मदद करता है। यह टाइप -2 डायबिटीज वाले व्यक्तियों के लिये दिल को नुकसान पहुंचाने वाली सूजन के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकता है। इसलिये, मांओं को अपने दिन की शुरूआत रोजाना एक मुट्ठी बादाम (30 ग्राम/23 बादाम) खाने से करनी चाहिए। यह उन्हें दिनभर की ऊर्जा देगा और उन्हें तृप्त रखने में भी मदद करेगा। लीड्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि मिड-मॉर्निंग बादाम खाने (बराबर ऊर्जा या पानी के बराबर वजन वाले क्रैकर्स की तुलना में) की वजह से भूख कम लगती है और उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों को खाने की दबी हुई इच्छा कम हो जाती है। ”

मांओं के रोजमर्रा की चुनौतियों के बारे में, बॉलीवुड की जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री, सोहा अली खान कहती हैं, “जब मैं मां बनी तो मैं सही मायने में अपनी मां के प्यार और त्याग को समझ पाई। बच्चे के जन्म के बाद, आपका बच्चा आपकी दुनिया बन जाता है और आप उनकी सलामती के लिये कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। हालांकि, मां होना थका देने वाला हो सकता है। इसलिये, खुद का ख्याल रखना उतनी ही जरूरी है जितना कि अपने बच्चों की देखभाल करना जरूरी है। मैं हमेशा ही खुद की एनर्जी का स्तर बनाये रखने के लिये, सरल लेकिन प्रभावी तरीके तलाशती रहती हूं, जैसे एक्सरसाइज करना और सही खाना। इसलिये, शूटिंग के दौरान या सफर में हमेशा बादाम अपने साथ रखती हूं, ताकि दिनभर मैं थोड़ा-थोड़ा खाती रहूं। इसके अलावा, गैरसेहतमंद स्नैक लेने की बजाय बादाम खाने से हमारी जिंदगी में एक सेहतमंद बदलाव आ सकता है। बादाम जरूरी पोषक तत्वों का एक स्रोत होता है जैसे विटामिन ई, मैग्नी शियम, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, जिंक, आदि। यह मुझे पूरे दिनभर ऊर्जावान और संतुष्ट रखता है।“

फिटनेस एवं सेलिब्रिटी इंस्ट्रक्टर, यास्मिन कराचीवाला कहती हैं, “एक मां होने के नाते, मैं वाकई समझ सकती हूं कि मां होना क्या होता है। मातृत्व और काम दोनों को मैनेज करने के लिये एक नए स्तर के धैर्य और बहुत मेहनत की आवश्यकता होती है। इस दौरान अपनी सेहत की सुध लेना बहुत जरूरी है। इस मदर्स डे पर, मैं सभी मांओं से कहना चाहूंगी कि अपनी सेहत के लिये एक्सरसाइज और खाने की हेल्दी आदतों में निवेश करना शुरू कर दें। फिटनेस क्लासेस में प्रवेश लेने और फलों और बादामों को अपने आहार में शामिल करने से बहुत सारे लाभ मिल सकते हैं। फल, डाइटरी फाइबर, विटामिन और खनिजों का एक अच्छा स्रोत हैं। वहीं बादाम प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक, फोलेट आदि जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का स्रोत हैं।

तो इस मदर्स डे पर, आइये अपनी मांओं के प्यार, उनके योगदान और त्याग का जश्ना मनाएं और एक मुट्ठी बादाम के साथ उनकी बेहतर देखभाल का संकल्प लें।

 

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