जमशेदपुर। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के शिक्षा विभाग के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की पूर्वी क्षेत्रीय समिति (ERC, NCTE) ने विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से तीन प्रमुख कार्यक्रमों—B.Ed., M.Ed. और B.P.Ed.—के लिए औपचारिक मान्यता प्रदान कर दी है।



यह महत्वपूर्ण निर्णय ERC, NCTE की 387वीं बैठक, जो 16 जनवरी 2026 को आयोजित हुई थी, उसमें लिया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15-16 अक्टूबर 2024 को आयोजित 352वीं बैठक में भी इन तीनों पाठ्यक्रमों को मान्यता दी गई थी, लेकिन उस समय यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि मान्यता किस सत्र से प्रभावी होगी। अब स्पष्ट रूप से 2021-22 सत्र से मान्यता दिए जाने की घोषणा कर दी गई है।
छात्रों को मिली बड़ी राहत
इस निर्णय से 2021-22 सत्र से उत्तीर्ण छात्रों को बड़ी राहत मिली है। पहले शिक्षा विभाग की मान्यता से जुड़े दस्तावेज जमशेदपुर महिला कॉलेज के नाम पर थे, जो विश्वविद्यालय बनने के बाद छात्रों के लिए नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। अब विश्वविद्यालय के नाम से मान्यता मिलने के बाद छात्रों का करियर संबंधी तनाव समाप्त हो गया है।
टीम वर्क और नेतृत्व का परिणाम
यह सफलता कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता के कुशल नेतृत्व और विश्वविद्यालय प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। इस उपलब्धि में परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमण्यम, कोऑर्डिनेटर डॉ. कामिनी कुमारी तथा शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय भुइया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सभी के संयुक्त और निरंतर प्रयास से यह लंबित मामला आखिरकार सुलझ पाया।
कुलपति ने दी बधाई
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने इस अवसर पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय, शिक्षा विभाग और छात्रों—तीनों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर है। उन्होंने शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को भी शुभकामनाएं दीं तथा आशा जताई कि यह विभाग आगे भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा।





