जमशेदपुर | 1 फरवरी 2026। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को उद्योग जगत से मजबूत समर्थन मिल रहा है। एस. के. बेहरा, वाइस चेयरमैन RSB Global एवं पूर्व चेयरमैन CII Eastern Zone, ने बजट को भारतीय विनिर्माण को ‘भागीदारी’ से ‘वैश्विक वर्चस्व’ की ओर ले जाने वाला परिवर्तनकारी ब्लूप्रिंट बताया।



विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम
एस. के. बेहरा ने कहा कि यह बजट राजकोषीय अनुशासन और आधारभूत संरचना के विकास के बीच सटीक संतुलन बनाता है। ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय उद्योग की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए यह बजट कनेक्टिविटी, आधुनिक तकनीक और तरलता—तीनों स्तंभों को मजबूती देता है।
ईवी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि लिथियम, कोबाल्ट और तांबे सहित 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त करना एक मास्टरस्ट्रोक है। इससे ईवी बैटरी और हाई-टेक कलपुर्जों की उत्पादन लागत घटेगी और ‘मेड इन इंडिया’ बैटरियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही, ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 पूंजीगत वस्तुओं को ड्यूटी-फ्री सूची में शामिल करना घरेलू विनिर्माण को नई गति देगा।
‘पूर्वोदय’ से पूर्वी भारत को नई पहचान
पूर्वी भारत के संदर्भ में बेहरा ने ‘पूर्वोदय’ पहल को ऐतिहासिक बताया। ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और झारखंड, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के खनिज-संपन्न क्षेत्रों में नए औद्योगिक पार्कों का विकास पूर्वी भारत की सुप्त औद्योगिक क्षमता को जागृत करेगा। दानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स लागत और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
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MSME और सप्लाई चेन को संजीवनी
₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के बढ़े हुए परिव्यय से MSME सेक्टर को आवश्यक ‘रिस्क कैपिटल’ मिलेगा। इससे छोटे सप्लाई चेन पार्टनर्स वैश्विक मानकों के अनुरूप तकनीकी उन्नयन कर सकेंगे।
हरित भविष्य की ओर ऑटोमोटिव सेक्टर
कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) के चरणबद्ध अनिवार्य मिश्रण और ग्रीन हाइड्रोजन पर जोर को बेहरा ने हरित गतिशीलता की दिशा में निर्णायक कदम बताया, जिससे ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
एस. के. बेहरा के अनुसार, बजट 2026-27 एक सुधार-केंद्रित दस्तावेज है, जो पूर्वी भारत को औद्योगिक प्रगति का नेतृत्व करने और ऑटोमोटिव क्षेत्र को हरित संक्रमण के लिए तैयार करता है। RSB ग्लोबल इन कदमों का पूर्ण समर्थन करता है।





