जमशेदपुर।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान एवं क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग की छात्राओं ने शैक्षणिक उद्देश्य से सुधा डेयरी, जमशेदपुर का भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना तथा कक्षा में पढ़ाए गए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ना था।



डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा
भ्रमण के दौरान छात्राओं को दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, पाश्चुरीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वितरण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक और स्वच्छता मानकों के माध्यम से सुरक्षित एवं पौष्टिक दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इससे छात्राओं को खाद्य सुरक्षा और पोषण गुणवत्ता के महत्व को समझने का अवसर मिला।
दुग्ध उत्पादों के निर्माण की जानकारी
छात्राओं ने दही, मक्खन, पनीर, दूध पाउडर जैसे विभिन्न दुग्ध उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि उत्पादन के प्रत्येक चरण में तापमान नियंत्रण, मशीनों की भूमिका और गुणवत्ता जांच क्यों आवश्यक है।
बाजार और विपणन की बारीकियां
भ्रमण का एक महत्वपूर्ण पहलू दुग्ध उत्पादों के बाजार और विपणन से जुड़ी जानकारी रही। छात्राओं को बताया गया कि उपभोक्ताओं की मांग, ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण और आपूर्ति श्रृंखला किस प्रकार कार्य करती है। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स का उद्योग जगत से गहरा संबंध है।
शिक्षिकाओं का रहा मार्गदर्शन
इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिकाएं डॉ. डी. पुष्पलता एवं डॉ. सुनीता मर्दी तथा क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग की शिक्षिका संचित गुहा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उद्योग से जुड़े तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया।
छात्राओं में बढ़ा व्यावहारिक ज्ञान
छात्राओं ने बताया कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण से उन्हें विषय की गहरी समझ प्राप्त होती है। इससे न केवल उनके शैक्षणिक ज्ञान में वृद्धि हुई, बल्कि भविष्य में डेयरी, फूड इंडस्ट्री, क्लिनिकल न्यूट्रिशन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर भी मिला।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं और आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।






