जमशेदपुर।
डॉ. आर.के. बेहरा, आरएसबी ग्लोबल के चेयरमैन, ने महामहिम राष्ट्रपति से प्राप्त सम्मान और एनआईटी जमशेदपुर द्वारा प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट (Honoris Causa) की उपाधि को अपने जीवन का अत्यंत भावुक और विनम्र कर देने वाला क्षण बताया है। जमशेदपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी को और बढ़ाने वाला है।
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माता-पिता और परिवार को दिया श्रेय
डॉ. बेहरा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और गुरुओं को देते हुए कहा कि उनके संस्कार और आशीर्वाद ही उनके जीवन की सबसे मजबूत नींव रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अपने भाई और आरएसबी के वाइस चेयरमैन एस.के. बेहरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सहयोग और विश्वास इस लंबे सफर की सबसे बड़ी ताकत रहा है।
गुरुजनों का मार्गदर्शन बना आधार
उन्होंने एनआईटी जमशेदपुर (तत्कालीन आरआईटी) में बिताए अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि लगभग 52 वर्ष पहले इसी संस्थान ने उन्हें न केवल तकनीकी शिक्षा दी, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया। यही मूल्य आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का आधार बने।
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शून्य से शिखर तक का सफर
डॉ. आर.के. बेहरा ने अपने भाई के साथ मिलकर जमशेदपुर से आरएसबी समूह की शुरुआत की थी। आज आरएसबी ग्लोबल ऑटोमोटिव कंपोनेंट क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय पहचान बन चुका है। भारत और विदेशों, जिनमें मेक्सिको भी शामिल है, में कंपनी के कुल 18 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार, निरंतर मेहनत और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता ही इस सफलता का मूल मंत्र रहा है।
सम्मान के साथ बढ़ी सामाजिक जिम्मेदारी
डॉ. बेहरा ने कहा कि सम्मान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति और अधिक दायित्व निभाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि आरएसबी ग्लोबल आने वाले समय में अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यों का और विस्तार करेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
उन्होंने बताया कि झारखंड में पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया है, वहीं पुणे के पास एक गांव को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कृषि से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर भी समूह विशेष परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. बेहरा ने कहा कि यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि उद्योग जगत की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। आरएसबी अब अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की धरती से निकलकर वैश्विक उद्यमिता के शिखर तक पहुंचने की यह यात्रा समाज, राष्ट्र और पर्यावरण के प्रति समर्पण के साथ आगे भी जारी रहेगी।

